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Exam Cancelled news : इंडो सेट परीक्षा जुलाई तक स्थगित

Exam Cancelled news : इंडो सेट परीक्षा जुलाई तक स्थगित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मई में होने वाली इंडो सेट परीक्षाओं को जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है। मंत्रालय ने यह निर्णय कोरोना वायरस महामारी की मौजूदा स्थिति और लॉक डाउन को देखते हुए लिया है। इंडो सेट परीक्षाओं के विषय में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, कोरोना वायरस महामारी और विश्व के अनेक देशों से अभ्यार्थियों की अपील को ध्यान में रखते हुए हमने इंडो सेट परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षाएं पहले 30 मई को होनी थी, लेकिन अब ये परीक्षाएं जुलाई में आयोजित की जाएंगी।

ये परीक्षाएं जुलाई में कब आयोजित की जाएंगी, इसको लेकर फिलहाल निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन मंत्रालय का कहना है कि जल्द ही इंडो सेट परीक्षाओं की अगली तिथि घोषित कर दी जाएगी मानव संसाधन विकास मंत्रालय जेईई एवं नीट की परीक्षा की तिथियां घोषित कर चुका है। 18 से 23 जुलाई के बीच जेईई मेन की परीक्षाएं ली जाएंगी। वहीं 26 जुलाई को नीट की परीक्षा ली जाएगी। इनके अलावा अब जेईई एडवांस परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी गई है। यह परीक्षा 23 अगस्त को ली जाएगी।

नीट प्रतियोगी परीक्षा के लिए 16.84 लाख अभ्यार्थियों ने फॉर्म भरा है। गौरतलब है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सलाह पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने नीट और जेईई की परीक्षा का कार्यक्रम तैयार किया है।

इससे पहले कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने नीट परीक्षाएं भी स्थगित करने का निर्णय लिया था। अप्रैल माह में नीट परीक्षाओं के लिए एडमिशन कार्ड जारी किए जाने थे, लेकिन यह कार्ड जारी नहीं किए गए और फिर मंत्रालय ने नीट परीक्षाएं स्थगित करने की सूचना जारी कर दी।

परीक्षाओं की तिथि घोषित करने के साथ ही छात्रों को इन प्रतियोगी परीक्षाओं में एक और सुविधा प्रदान की गई है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब छात्रों को प्रवेश परीक्षाएं देने के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। जेईई की मुख्य प्रवेश परीक्षा समेत विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा में यह सुविधा प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए ने इसके लिए आवश्यक प्रावधान किए हैं।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।