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छात्रों को साइबर धमकी से बचाने साथ आए NCRT व UNESCO

June 06th, 2020 09:54 IST
छात्रों को साइबर धमकी से बचाने साथ आए NCRT व UNESCO

हाईलाइट

  • छात्रों को साइबर धमकी से बचाने साथ आए एनसीईआरटी व यूनेस्को

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शिक्षा के विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे देशभर के छात्र किसी भी प्रकार की साइबर धमकी या प्रताड़ना का शिकार न हों, इसके लिए एनसीईआरटी ने अब यूनेस्को के साथ मिलकर एक विशेष पुस्तिका तैयार की है। यह पुस्तिका इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।

एनसीईआरटी और यूनेस्को की यह पुस्तिका छात्रों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के तरीके बताएगी। साथ ही इस पुस्तिका के माध्यम से छात्रों को यह भी बताया जाएगा कि कैसे ऑनलाइन धमकियों एवं प्रताड़ना एवं प्रताड़ना से अपना बचाव किया जाए। विश्वस्तरीय मानकों के आधार पर तैयार की गई यह पुस्तिका छात्रों को ऑनलाइन धमकी के खिलाफ सक्षम कार्यवाही का मार्गदर्शन भी देगी।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षित ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आज एनसीईआरटी और यूनेस्को के नई दिल्ली कार्यालय द्वारा विकसित कोविड-19 के दौरान सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन माध्यम द्वारा सीखना नामक एक सूचना पुस्तिका जारी की है।

निशंक ने कहा, यह पुस्तिका हमारे विद्यार्थियों एवं अध्यापकों में जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगी एवं उनको साइबर उत्पीड़न की दशा में समय से कदम उठाने में मदद करेगी।

गौरतलब है कि सीबीएसई ने भी छात्रों की साइबर सुरक्षा के लिए एक विशेष पुस्तिका जारी की है। यह पुस्तिका कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करेगी। इस पुस्तिका का नाम साइबर सुरक्षा हैंडबुक रखा गया है। यह साइबर सुरक्षा जैसे सामाजिक बहिष्कार, धमकी, मानहानि, और भावनात्मक उत्पीड़न, ऑनलाइन यौन शोषण, साइबर कट्टरता, ऑनलाइन हमले और धोखाधड़ी, और ऑनलाइन प्रतिबंध सहित साइबर सुरक्षा में विषयों को कवर करेगा।

इसके अलावा, इसमें बदले की भावना से अश्लील साहित्य या सामग्री के प्रकाशन या अथवा प्रसारण को लेकर चेतावनी के साथ ही ऑनलाइन दोस्ती की सीमा तय करने, दूसरों की सहमति का सम्मान करने तथा किसी भी तरह की परेशानी पर बड़ों को इस बारे में जानकारी देने जैसी बातें शामिल हैं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।