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दूरदराज के छात्रों को ऑन एयर माध्यमों से मिल रही है शिक्षा

June 18th, 2020 13:45 IST
दूरदराज के छात्रों को ऑन एयर माध्यमों से मिल रही है शिक्षा

हाईलाइट

  • दूरदराज के छात्रों को ऑन एयर माध्यमों से मिल रही है शिक्षा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऐसे छात्र जिनके पास इंटरनेट का कनेक्शन अथवा इलाके में इंटरनेट की सुचारू उपलब्धता नहीं है। उनको भी घर बैठे शिक्षा मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण, दूरदराज के इलाकों में रहने वाले ऐसे छात्रों को शिक्षा मुहैया कराने के लिए सरकार का जोर ऑनलाइन की जगह ऑन एयर माध्यमों पर है। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बकायदा केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ एक गठजोड़ भी किया है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, एचआरडी हर छात्र तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। मेरा मानना है कि सीखने की उत्सुकता इंटरनेट की गैर-उपलब्धता तक सीमित नहीं हो सकती है। इस प्रकार, डिजिटल डिवाइड को खत्म करने के लिए, एमएचआरडी ने डीटीएच प्लेटफार्म पर टाटा स्काई और एयरटेल डीटीएच ऑपरेटरों को स्वयं प्रभा चैनलों को प्रसारित करने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ करार किया है। इससे पहले स्वयं चैनल डीडी, डिश टीवी और जियो एप टीवी पर उपलब्ध थे।

24 मार्च से अब तक शिक्षा के आन एयर प्लेटफॉर्म को 61 करोड़ हिट्स मिले हैं।  स्वयं प्रभा चैनलों पर सभी पाठ्यक्रम सामग्री एनसीईआरटी, एनपीटीईएल, आइआइटी, यूजीसी, सीईसी, इग्नू और एनआइओएस द्वारा प्रदान की जाती है।  अब भारत में कहीं भी छात्र इन चैनलों के लिए डीटीएच सेवा प्रदाता से अनुरोध कर सकते हैं। आन एयर की मदद से बिना किसी अतिरिक्त लागत के इस कठिन परिस्थिति में घर बैठे छात्र बिना इंटरनेट के शिक्षा हासिल कर सकते हैं।

स्वयं प्रभा 32 डीटीएच चैनलों का एक समूह है जो सभी शिक्षकों को कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रदर्शन कला, सामाजिक विज्ञान और मानविकी विषयों, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, कानून, चिकित्सा, कृषि आदि जैसे विविध विषयों को कवर करने वाले उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक पाठ्यक्रम आधारित पाठ्यक्रम सामग्री प्रदान करता है।  केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा, हम छात्रों को पाठ्यक्रम को हस्तांतरित करने के लिए ऑल इंडिया रेडियो के विकल्प का उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिक रणनीति और योजनाएं विकसित की जा रही हैं, इन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा। हम दूरदर्शन का उपयोग करने का भी प्रयास कर रहे हैं।

केंद्रीय विद्यालयों का संचालन केंद्र सरकार ही करती है। केंद्रीय विद्यालयों ने बच्चों के लिए इन पोर्टलों के अलावा यूट्यूब चैनल और फेसबुक प्रोफाइल भी क्रिएट किए हैं जहां से हर दिन ऑनलाइन क्लासेज ली जा सकती हैं। वहीं विभिन्न राज्यों में छात्रों को शिक्षा प्रदान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं संबंधित शिक्षण संस्थानों की है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।