मनोरंजन: घर सजाने के शौक ने बनाया प्रोफेशन, ईशा देओल ने शुरू की नई जर्नी, ईशा देओल ने शेयर की अनसुनी यादें

घर सजाने के शौक ने बनाया प्रोफेशन, ईशा देओल ने शुरू की नई जर्नी, ईशा देओल ने शेयर की अनसुनी यादें
बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा देओल अभिनय की दुनिया में अपने 25 साल पूरे करने वाली हैं। फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद अब ईशा इंटरियर डिजाइनिंग की दुनिया में कदम रख रही हैं। उन्होंने अपने नए इंटीरियर ब्रांड ‘ईशा धर्मेंद्र देओल डिज़ाइन’ की घोषणा की।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा देओल अभिनय की दुनिया में अपने 25 साल पूरे करने वाली हैं। फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद अब ईशा इंटरियर डिजाइनिंग की दुनिया में कदम रख रही हैं। उन्होंने अपने नए इंटीरियर ब्रांड ‘ईशा धर्मेंद्र देओल डिज़ाइन’ की घोषणा की। इस खास मौके पर ईशा ने अपने पिता धर्मेंद्र के साथ जुड़ी कई भावुक यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके पिता दोनों को ही घर सजाने और इंटीरियर को खूबसूरत बनाने का बेहद शौक रहा है। बचपन से ही दोनों घर की सजावट और छोटी-छोटी डिटेल्स पर घंटों चर्चा किया करते थे। ईशा ने कहा कि एक दिन धर्मेंद्र ने उनसे कहा था कि उन्हें डिजाइनिंग में अपना करियर बनाना चाहिए, क्योंकि उनमें क्रिएटिविटी और सौंदर्य को समझने की खास क्षमता है। आज, अपने पिता की उसी सलाह को अपनाते हुए ईशा ने अपने इस नए सफर की शुरुआत की है। इस दौरान उन्होंने अपनी डिजाइनिंग सोच, मां हेमा मालिनी की पसंद और अपने 25 साल लंबे फिल्मी करियर पर भी खुलकर बात की...

पापा कहते थे, लगे रहो बेटा

मुझे बचपन से ही डिजाइनिंग का काफी शौक रहा है। मेरे पापा धर्मेंद्र जी ने मुझे हमेशा इसके लिए प्रोत्साहित किया है। उन्हें मेरी क्रिएटिविटी पर भरोसा था और उसी भरोसे की हिम्मत की वजह से मैं आज इसे अपना प्रोफेशन बनाने की हिम्मत जुटा पायी हूं। पापा और मेरी सजावट में बेहद रूचि रही है। हम घंटों बैठकर घर की सजावट और डिजाइनिंग पर बातें किया करते थे। वह मुझे हमेशा कहते कि लगे रहो बेटा , रुकना नहीं।

पापा डिजाइनिंग में श्रेष्ठ थे

पापा को दुनिया एक एक्टर के तौर पर जानती है लेकिन वह बहुत अच्छे इंटीरियर डिजाइनर और आर्किटेक्ट थे। अपने फार्म हाउस का डिजाइन पापा ने खुद किया था। उससे जुड़े सारे डिजाइन की सलाह वह मुझसे लेते थे। हम घंटो इस पर बात करते थे। पापा के फार्महाउस में एक बेहद पुराना पेड़ था जो गिर गया था। पापा ने उन लकड़ियों से कई सारे फर्नीचर बनाये और एक लालटेन भी बनाया था जिसे उन्होंने मुझे गिफ्ट किया था। मेरे इस ब्रांड का जो लोगों है वो लालटेन है। यह पापा का ही दिया गिफ्ट है।

एक्टिंग नहीं छोड़ूंगी

महिलाएं वैसे भी मल्टीटास्कर होती हैं। वह एक साथ कई काम कर लेती हैं। मैं भी एक साथ अपने 2 पैशन हैंडल कर सकती हूं। इंटीरियर डिज़ाइनर होने का यह मतलब नहीं है कि मैं एक्टिंग छोड़ दूंगी। बल्कि मेरी 2 फिल्में जल्द आने वाली हैं। डिजाइनिंग मेरा बेहद पुराना शौक रहा है। मैं जब फिल्मों में अपनी शुरुआत कर रही थी तब से मैं डिजाइनिंग भी करती रही हूं। अपने रिश्तेदारों, परिवार, दोस्तों के घर में डिजाइन कर चुकी हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि एक्टिंग को मैंने पहले टाइम दिया और डिजाइनिंग की घोषणा आज कर रही हूं।

हर 6 महीने में बदलता है डिजाईन

मैं बहुत मूडी इंसान हूं। अपने घर का डिजाइन हर 6 महीने में बदल देती हूं। हालांकि मैं बहुत खर्च नहीं करती लेकिन आपको बदलाव जरूर नजर आएगा। मेरे रूम में एक कोना हैं जहां ट्रेडमिल है, साइड में छोटी सी टेबल है जिस पर मैं काम करती हूं। उसी के सामने पापा की एक बड़ी सी फोटो लगी है। जहां बैठकर मैं मेडिटेशन करती हूं। यह मेरी सुकून वाली जगह है। फिलहाल हाउस ऑफ अभिननंदन लोढ़ा के साथ मैंने कोलैबरेशन किया है। बतौर प्रोफेशनल मैंने अपनी जर्नी शुरू कर दी है। उम्मीद है अब लोग अभिनेत्री ईशा देओल के साथ अब इंटीरियर डिजाइनर ईशा देओल को भी उतना ही प्यार देंगे।

पापा-मम्मी दोनों की पसंद अलग

पापा को प्रकृति से बेहद प्यार था। मेरे और पापा की पसंद एक जैसी थी। उन्हें बहुत ज्यादा लकड़ियों के फर्नीचर, सफेद रंग और प्रकृति से जुडी चीजें पसंद थीं। उनके फार्म हाउस में आपको प्राकृतिक चीजें जैसे पत्थर तक डिजाइन के तौर पर मिलेंगे। लेकिन मां को संस्कृति और कला से बेहद प्रेम है। मैंने पिछले महीने ही उनके घर के हॉल का डिजाइन किया है जिसमे मैंने पेस्टल पिंक और पिस्ता ग्रीन रंग का इस्तेमाल किया है जो मैं निजी तौर पर पसंद नहीं करती लेकिन मां की पसंद के अनुसार मैंने उनका घर सजाया। मां (हेमा मालिनी) बहुत ट्रेडिशनल हैं। घर में आपको मूर्तियां, आर्ट , तंजावुर पेंटिंग्स,आर्टफैक्टस बहुत मिलेंगे। घर में एक डांस हॉल है जहां ऐतिहासिक वस्तुओं को सजाकर रखा गया है। मां कला प्रेमी और संस्कृति को बेहद पसंद करती हैं।

पापा की याद मन में रखा है

पापा धर्मेंद्र को याद कर ईशा भावुक हो गईं और कहा कि सब अपने दर्द से अलग-अलग तरीके से लड़ते हैं। मैंने सोचा था कि मैं उन्हें याद कर भावुक नहीं होऊंगी लेकिन आंसू निकल ही आते हैं। मैं जब भी और जहां भी होती हूं। उनका प्यार और आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहता है। हर काम की शुरुआत मैं उनकी यादों से करती हूं।

Created On :   11 May 2026 6:27 PM IST

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