फेक न्यूज: अफगानिस्तान में ईसाइयों को नायलॉन की थैलियों में बंद किया, जानिए क्या है इस वायरल वीडियो की सच्चाई ?  

September 28th, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता आने के बाद से सोशल मीडिया पर कईं तरह के पोस्ट वायरल होते नजर आते हैं। प्रतीत होता है कि अफगानिस्तान के सियासी घमासान के साथ सोशल मीडिया पर भी अटकलों का बाजार गर्म है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि अफगानिस्तान में ईसाइयों को धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जो उनकी बात नहीं मान रहा है उसे नायलॉन की थैलियों में बंद किया गया है ताकि दम घुटने से उसकी मौत हो जाये। 

वायरल वीडियो को कई सारे लोग बिना सच जाने सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है। फे़सबुक पर यह वीडियो ट्रेंड कर रही है, कई लोग इस घटना की आलोचना कर रहे हैं। व्हाट्सऐप पर भी इस वीडियो को वायरल होने में वक्त नहीं लगा। इस वीडियो को व्हाट्सऐप यूजर्स द्वारा भी कई बार शेयर किया गया।

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क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई ?
वायरल हो रहे वीडियो की एक फ़्रेम का रिवर्स इमेज सर्च करने पर मालूम हुआ कि यह कोलंबिया में हुए एक प्रदर्शन का दृश्य है। फे़सबुक पोस्ट के अनुसार कोलंबिया में ये प्रदर्शन 26 मई, 2021 को हुआ था। विरोध प्रदर्शन कोलंबिया के पोब्लाडो पार्क में आयोजित किया गया था। काफी समय से कोलंबिया में चल रहे विरोध प्रदर्शन में जो लोग गायब हुए थे या जिन्होंने अपनी जान गवां दी थी, उन्हें श्रद्धांजलि दी गई थी। वायरल हो रही वीडियो का हिस्सा कोलंबिया के प्रदर्शन वाली वीडियो में देखा जा सकता हैं। फे़सबुक पर पोस्ट किया गया वह वीडियो 12 मिनट का है। जिसमें से वायरल क्लिप का हिस्सा हम 1 मिनट 15 सेकंड के बाद देख सकते हैं। 

यूट्यूब पर भी कोलंबिया के प्रदर्शन का वीडियो 27 मई 2021 को अपलोड किया गया था। की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें पता चला कि कोलंबिया में अप्रैल माह से टैक्स प्रणाली में सुधार को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे। सरकार पर विरोध प्रदर्शन के ज़रिए काफी दबाव बनाने के बाद उन्होंने इस विधेयक को वापिस ले लिया था। उस विरोध प्रदर्शन में काफी लोग घायल भी हुए थे और कुछ ने अपनी जान भी गवाई थी।

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निष्कर्ष
निष्कर्ष के तौर पर अगर देखा जाए तो सोशल मीडिया पर कोलंबिया में हुए विरोध प्रदर्शन का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा था उसका अफ़गानिस्तान के ईसाईयों से कोई लेना-देना नहीं हैं। अत: उस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा था।