comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Fake News: बिहार में वोट मांगने गए नीतीश के काफिले पर जनता ने किया पथराव, जानें क्या है वायरल वीडियो का सच

Fake News: बिहार में वोट मांगने गए नीतीश के काफिले पर जनता ने किया पथराव, जानें क्या है वायरल वीडियो का सच

डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लोग गाड़ियों के एक काफिले पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि, 28 अक्टूबर से शुरु होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए जब जदयू प्रमुख नीतीश कुमार वोट मांगने जनता के बीच पहुंचे, तो लोगों ने उनके काफिले पर पथराव कर अपना गुस्सा निकाला। 

किसने किया शेयर?
कई ट्विटर और फेसबुक यूजर ने भी वीडियो शेयर कर यही दावा किया है। एक यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा, नीतीश कुमारजी आप इतना अच्छा काम करते ही क्यों हो। बिहार की जनता आपका न जाने कब से स्वागत करने के लिए खड़ी इंतज़ार कर रही थी...और जैसे ही स्वागत करने का समय आया आप जनता के बीच से भाग खड़े हुए। ऐसे कैसे चलेगा सुशासन बाबू। 

क्या है सच?
भास्कर हिंदी की टीम ने पड़ताल में पाया कि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। इंटरनेट पर सर्च करने पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि, बिहार चुनाव में प्रचार के दौरान नीतीश कुमार के काफिले पर हमला हुआ है। वायरल वीडियो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने पर हमें ‘आज तक’ न्यूज चैनल के फेसबुक पेज पर भी यही वीडियो मिला। यह वीडियो 2 साल पहले अपलोड किया गया था। हालांकि, ये बात सच है कि जिस काफिले पर हमला हुआ वो नीतीश कुमार का ही था।

पड़ताल के दौरान हमें न्यूज एजेंसी ANI का एक ट्वीट भी मिला। जिससे पुष्टि होती है कि, नीतीश के काफिले पर हमले का मामला 2 साल पुराना है। इन सभी बातों से यह साफ होता है कि, वायरल वीडियो में भीड़ नीतीश कुमार के काफिले पर ही हमला कर रही, लेकिन यह घटना 2 साल पुरानी है। इसे हाल ही का बताकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।

निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। दरअसल, नीतीश के काफिले पर हमले का मामला 2 साल पुराना है। जिसे अभी का बताकर वायरल किया जा रहा है। 

कमेंट करें
84gqk
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।