दैनिक भास्कर हिंदी: Fake News: जंतु विज्ञान की किताब में नहीं है कोरोना वायरस का उपाय, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं अफवाहें

March 23rd, 2020

डिजिटल डेस्क। नोवल कोरोनावायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे मरने वालों का आंकड़ा अबतक 14,547 हो गया है। कोविड-19 को लेकर कई अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। भास्कर हिंदी टीम लगातार आपको सच्चाई बता रही है। ऐसा ही अब एक किताब की तस्वीर काफी वायरल हो रही है। जिसकी पड़ताल हमने की है।

किताब का हवाला देते हुए दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस की दवा मिल गई है। बुक में कोरोना वायरस के इलाज के लिए कुछ दवाईयों जैसे एस्प्रिन, एंटीहिस्टेमीन और नेजल स्प्रे आदि को लाभदायक बताया है। 

                                              

क्या है सच?
भास्कर हिंदी टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि फोटो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। इस बुक में जिस कोरोना वायरस की बात कही गई है, वो एक फैमिली का नाम है जिसके अंदर कई वायरस आते हैं। अभी फैल रहे वायरस का नाम नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) है, जो कोरोना वायरस फैमिली का हिस्सा है। अबतक नोवल कोरोनावायरस की कोई दवा नहीं बनी है।

साइंस मीडिया सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 से पहले कोरोनावायरस फैमिली में 6 वायरस थे, जो जुकाम-खांसी के कारण होते हैं। ये वायरस जानवरों में भी फैल सकता है।