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कोविड-19 : दिल्ली में 31 जुलाई तक डेढ़ लाख बेड की जरूरत

June 10th, 2020 14:31 IST
 कोविड-19 : दिल्ली में 31 जुलाई तक डेढ़ लाख बेड की जरूरत

हाईलाइट

  • कोविड-19 : दिल्ली में 31 जुलाई तक डेढ़ लाख बेड की जरूरत

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना रोगियों के उपचार हेतु डेढ़ लाख बेड की आवश्यकता होगी। 31 जुलाई तक दिल्ली में डेढ़ लाख बेड की व्यवस्था की जानी है। अतिरिक्त बेड के लिए दिल्ली सरकार दिल्ली के विभिन्न स्टेडियमों का इस्तेमाल कर सकती है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली सरकार ने थोड़े समय के लिए दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वालों का कोरोना उपचार करने का निर्णय लिया था। केंद्र सरकार और उपराज्यपाल ने यह फैसला पलट दिया है। इसके बाद अब हमारी चुनौती बहुत बड़ी हो गई है। हमें दिल्ली में रहने वालों और दिल्ली के बाहर से आने वाले रोगियों के उपचार की व्यवस्था करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, जहां पहले 15 जुलाई तक 33 हजार बेड की आवश्यकता थी अब वहीं 15 जुलाई तक 65,000 रोगियों के लिए बेड की आवश्यकता होगी। 31 जुलाई तक पहले हमने 80,000 रोगियों के लिए बेड की आवश्यकता का आकलन किया था। अब यह आवश्यकता लगभग डेढ़ लाख बेड की होगी।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, जुलाई अंत तक दिल्ली में कोरोना के लगभग साढे पांच लाख रोगी होंगे। इतनी बड़ी संख्या में रोगियों के उपचार एवं बेड की आवश्यकता को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार दिल्ली के विभिन्न स्टेडियमों में बेड लगाएगी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, यह चुनौती बहुत बड़ी है। इतनी बड़ी विपदा मानव जाति के इतिहास में पहले कभी नहीं आई। मैं अब खुद बाहर निकलूंगा और हम स्टेडियम और बैंक्वेट्स आदि को कोरोना रोगियों के उपचार हेतु तैयार करवाएंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के पड़ोसी राज्य से भी अपील की कि वे अपने-अपने राज्यों में कोरोना रोगियों के उपचार की समुचित व्यवस्था करें।

केजरीवाल ने कहा, दिल्ली के पड़ोसी राज्य कोरोना रोगियों के उपचार की व्यवस्था करें। विभिन्न राज्य ऐसा कर भी रहे होंगे ताकि कम से कम कोरोना रोगी दिल्ली आए।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक सामान्य दिनों में दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में लगभग 50 प्रतिशत लोग दूसरे राज्यों से आते हैं। अब जब दिल्ली के अस्पतालों में सभी के उपचार की अनुमति दी जा चुकी है तो जितने रोगी दिल्ली के हैं लगभग उतने ही दूसरे रोगियो के दूसरे राज्यों से भी आने की संभावना हैं।

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