comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

91 प्रतिशत से अधिक भारतीयों का कहना : परिवार या आसपास कोई भी नहीं कोरोना से संक्रमित

July 23rd, 2020 22:30 IST
 91 प्रतिशत से अधिक भारतीयों का कहना : परिवार या आसपास कोई भी नहीं कोरोना से संक्रमित

हाईलाइट

  • 91 प्रतिशत से अधिक भारतीयों का कहना : परिवार या आसपास कोई भी नहीं कोरोना से संक्रमित

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। भारत में बीते 24 घंटे में गुरुवार को कोरोनावायरस के सर्वाधिक 45,720 नए मामले दर्ज किए गए और इसके साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा बारह लाख के पार पहुंच गया है। आईएएनएस-सी-वोटर द्वारा किए गए सर्वेक्षण का कहना है कि 91 फीसदी से अधिक भारतीय कोविड-19 के किसी भी सक्रिय मामले के संपर्क में नहीं आए हैं।

आईएएनएस सी-वोटर कोविड-19 ट्रैकर में पूछे जाने पर 91.44 देशवासियों ने कहा, नहीं, मेरे परिवार या आसपास का कोई भी कोरोना से संक्रमित नहीं है।

भारत कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में तीसरे स्थान पर है। सोमवार को ही संक्रमित मरीजों की संख्या यहां ग्यारह लाख के पार चली गई थी।

देश में महामारी से सबसे प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है, जिसके बाद सूची में क्रमश: तमिलनाड़ु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य शामिल हैं, लेकिन सर्वे के मुताबिक, लगभग केवल 6.8 फीसदी लोगों का सामना ही कोविड के मामलों से हुआ है यानि कि केवल इतने प्रतिशत लोग ही अपने परिवार या अपने आसपास के किसी को महामारी से संक्रमित होते देखा है।

इनमें से लगभग 6.8 फीसदी मामलों में 1.46 प्रतिशत मरीजों में स्वास्थ्य संबंधी लक्षण नहीं नजर आए थे जबकि 1.72 लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं, लेकिन अब ठीक हैं।

कोविड पॉजिटिव होने के चलते जिनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं नजर आई उनमें से केवल 2.11 फीसदी मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती कराया गया और 0.47 ने बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा दी। इसी के साथ देश में अब तक 29.861 मरीजों की मौत हो गई है और बीते 24 घंटे में देश में 1,129 नई मौतें दर्ज की गई हैं।

24 मई को जब पहली इस सर्वेक्षण को किया गया उस वक्त करीब 14 प्रतिशत लोगों ने इस बारे में कुछ भी नहीं कहा, लेकिन जुलाई तक यह संख्या घटकर दो पर आकर रूक गई जिससे मालूम पड़ता है कि लोग वायरस को लेकर अभी कहीं ज्यादा जागरूक हो गए हैं क्योंकि मई में लगभग केवल 77 प्रतिशत लोगों ने कहा था कि वे कोविड से संबंधित किसी को भी नहीं जानते हैं जिसमें जून में 87 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई।

आंकड़ों के मुताबिक, 63.18 रिकवरी दर के साथ अधिकतम 7,82,607 मरीज ठीक हो चुके हैं जो 4,26,167 सक्रिय मरीजों की संख्या के लगभग दोगुना है।

कमेंट करें
jI9Tz
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।