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दिल्लीवासी सीमाएं खोलने के पक्ष में, एनसीआर के लोग खिलाफ : सर्वे

June 04th, 2020 18:30 IST
 दिल्लीवासी सीमाएं खोलने के पक्ष में, एनसीआर के लोग खिलाफ : सर्वे

हाईलाइट

  • दिल्लीवासी सीमाएं खोलने के पक्ष में, एनसीआर के लोग खिलाफ : सर्वे

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लगभग आधे निवासी जहां दिल्ली से लगती सीमाओं को नहीं खोलना चाहते हैं। वहीं, करीब 66 प्रतिशत दिल्ली के लोग चाहते हैं कि नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से लगती सीमाएं पुन: खोल दी जाएं।

कोरोनावायरस संक्रमण के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के चलते दिल्ली से लगती एनसीआर की सीमाएं बंद हैं और राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के मामलों के चलते एनसीआर के लोग चाहते हैं कि सीमाओं को फिलहाल के लिए नहीं खोला जाना चाहिए।

लोकल सर्किल के सर्वे के अनुसार, गुरुग्राम और गाजियाबाद की तुलना में नोएडा और फरीदाबाद के निवासी अधिक संख्या में सीमा खोलने के पक्ष में हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली की सीमाएं दो राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लगती हैं। प्रत्येक दिन लाखों की संख्या में इन राज्यों की एनसीआर स्थित सीमाओं से लोग नई दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद के लिए काम पर इधर-उधर आते-जाते हैं।

दिल्ली में कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या के बीच उत्तर प्रदेश और हरियाणा ने राष्ट्रीय राजधानी से लगती अपनी सीमाओं को बंद कर दिया था। हालांकि, कुछ दिन पहले हरियाणा ने इन्हें पुन: खोला।

दिल्ली सरकार ने घोषणा कर कहा कि एक जून से इसकी सीमाएं एक हफ्ते के लिए सील की जा रही हैं।

लोकल सर्किल ने बयान जारी कर कहा, राष्ट्रीय राजधानी से लगते क्षेत्रों की सीमाओं को क्या पुन: खोल देना चाहिए, इस सवाल के साथ सिटी लेवल पर लोकल सर्किल ने दिल्ली-एनसीआर में एक सर्वे किया।

बयान मे कहा गया, दिल्ली के लोगों से जब पूछा गया कि क्या नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से लगती सीमाएं पुन: खोल दी जाएं? 66 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने हां में जवाब दिया, जबकि 31 प्रतिशत ने कहा नहीं।

गौरतलब है कि दिल्ली में जहां कोविड-19 संक्रमण के 20 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं, वहीं नोएडा और गाजियाबाद में मिलाकर यह आंकड़ा 750 के आस-पास है।

लोकल सर्किल ने कहा, गाजियाबाद में 52 प्रतिशत लोगों ने सीमा खोलने को लेकर एतराज जताया, जबकि 48 प्रतिशत ने कहा सीमाएं खोली जाएं।

वहीं, गौतमबुद्धनगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) के 65 प्रतिशत निवासियों ने कहा कि हां बॉर्डर खुलें, जबकि 34 प्रतिशत ने इससे इनकार किया।

जब फरीदाबाद के निवासियों से यही प्रश्न किए गए, तो वहां 54 प्रतिशत ने हां और 38 प्रतिशत ने नहीं में उत्तर दिया।

बयान में आगे कहा गया, जब गुरुग्राम निवासियों से भी इस बाबत पूछा गया, तो वहां 50 प्रतिशत ने कहा कि हां सीमाओं को फिर से खोल देना चाहिए, जबकि 48 प्रतिशत ने कहा कि नहीं सीमाओं को नहीं खोला जाना चाहिए।

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डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।