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बिहार में कोरोना जांच बढ़ने के बाद पॉजिटिविटी दर 3 फीसदी से नीचे

August 19th, 2020 13:30 IST
 बिहार में कोरोना जांच बढ़ने के बाद पॉजिटिविटी दर 3 फीसदी से नीचे

हाईलाइट

  • बिहार में कोरोना जांच बढ़ने के बाद पॉजिटिविटी दर 3 फीसदी से नीचे

पटना, 19 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में भले ही कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही हो लेकिन अब राहत वाली खबर ये है कि कोरोना जांच बढ़ने के बाद पॉजिटिविटी दर में गिरावट आई है। मंगलवार को राज्य में 1,12,781 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें 3,257 संक्रमितों की पहचान हुई। इस तरह पॉजिटिविटी दर 2.़89 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखें तो राज्य में कोरोना जांच क्षमता के बढ़ने के बाद पॉजिटिविटी दर में भी गिरावट आई है।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को लेकर सरकार द्वारा तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना जांच भी तेजी से कराई जा रही है। कोरोना की जांच में तेजी आने से संक्रमण की दर घटी है। बड़ी संख्या में लोग स्वस्थ हो रहे हैं, जिससे रिकवरी दर में लगातार वृद्घि हो रही है। बिहार की रिकवरी रेट आज की तिथि में 73.48 प्रतिशत है।

आंकड़ों पर गौर करें तो 16 अगस्त को जहां 67,218 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें 2,187 लोगों को संक्रमित पाया गया था। इस तरह पॉजिटिविटी दर 3़.25 प्रतिशत थी।

इसी तरह 13 अगस्त को पॉजिटिविटी दर 3़.7 फीसदी थी। विभाग के आंकडों को मुताबिक, पांच अगस्त को 51,924 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें 2,701 संक्िरमत पाए गए थे। इसी तरह 25 जुलाई को पॉजिटिविटी रेट करीब आठ प्रतिशत थी। 15 जुलाई को 10,052 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें कोविड-19 से 1,320 संक्रमित पाए गए थे। इस तरह पॉजिटिविटी दर 13 प्रतिशत से अधिक थी।

बिहार में मंगलवार तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1,09,875 है।

एमएनपी-एसकेपी

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।