टैरिफ नीति की अहंकारी नीति: भारत से स्कूली बच्चे जैसा व्यवहार कर रहा है ट्रंप प्रशासन, अमेरिका के वरिष्ठ पत्रकार रिक सांचेज ने की राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना

- भारत के इतिहास के बारे में नहीं जानता ट्रंप प्रशासन
- ट्रंप की टैरिफ नीति को सांचेज ने बेहद अहंकारी नीति कहा
- ग्लोबल साउथ की तरफ स्थानांतरित हो रही है महाशक्ति
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने को लेकर यूएस के वरिष्ठ पत्रकार रिक सांचेज ने ट्रंप प्रशासन की कड़ी आलोचना की। सांचेज ने ये भी कहा कि ट्रंप प्रशासन, इंडिया से स्कूली बच्चे जैसा व्यवहार कर रहा है। लेकिन इंडिया से कोई स्कूली बच्चा नहीं है बल्कि एक बड़ी ताकत है। इंडिया का एक अपना इतिहास है, उसके पास अपने सोर्स हैं और काफी क्षमताएं हैं। भारत का वैश्विक इतिहास में योगदान यूरोप और मेसोपोटामिया से कुछ कमतर नहीं है। लेकिन जब आप उसे स्कूली बच्चा समझते हैं तो भारत, अमेरिका को कहता है कि आप हमें नहीं बताएंगे कि हमें क्या करना है। भारत ने दुनिया के लिए जो किया है, वह बेहद अहम है।
सांचेज ने कहा है कि ट्रंप को भारत के इतिहास और उसकी अहमियत का अंदाजा नहीं है। उन्होंने ट्रंप पर बिना सोचे समझे फैसले लेने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने आगे कहा कहीं न कहीं अब ट्रंप को अब अहसास होने लगा है कि उन्होंने गलत मोड़ ले लिया है , गलत दिशा पर चलने लगे है,और यही वजह है कि ट्रंप अब ग्लोबल साउथ और यूरोपीय संघ को बराबर महत्व देतेहुए नजर आ रहे है। ट्रंप अब संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। सांचेज ने ट्रंप टैरिफ की आलोचना करते हुए ,इसे बेहद अहंकारी नीति करार दिया है। सांचेज का कहना है कि यह परिवर्तनकारी समय है। इतिहासकार जब पीछे मुड़कर देखेंगे तो ये वो पल होगा, जब दुनिया की महाशक्ति अमेरिका के प्रभुत्व में कमी आनी शुरू हुई। अब ताकत ग्लोबल साउथ की तरफ ट्रांसफर हो रही है, जिसमें भारत, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देश हैं।
सांचेज ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए, ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने यूक्रेन युद्ध को मोदी का युद्ध कहने पर कहा कि नवारो के बयान पर हंसा ही जा सकता है। वे कोई बहुत बुद्धिमान व्यक्ति नहीं हैं और न ही वे कोई बड़े विचारक हैं।
सांचेज ने आगे कहा कि ग्लोबल साउथ के बारे में मेरे देश अमेरिका की समझ बहुत सीमित है। वे इंडिया के इतिहास, इंडिया और चीन के रिश्तों और रूस-यूक्रेन के रिश्तों के बारे में कुछ नहीं जानते। तभी वे मूर्खतापूर्ण बयान दे रहे हैं। नव-रूढ़िवादी, हथियार उद्योग से जुड़े लोग ट्रंप को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
Created On :   31 Aug 2025 12:08 PM IST