China Taiwan Relation: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान के विपक्ष की नेता से की मुलाकात, समझें कैसे बढ़ेगी अमेरिका की टेंशन

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान के विपक्ष की नेता से की मुलाकात, समझें कैसे बढ़ेगी अमेरिका की टेंशन
चीन और ताइवान के बीच तनाव जारी है। इस दौरान दोनों देशों के बीच बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिन्तांग (KMT) के नेता चेंग-ली-वुन से मुलाकात की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन और ताइवान के बीच तनाव जारी है। इस दौरान दोनों देशों के बीच बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिन्तांग (KMT) के नेता चेंग-ली-वुन से मुलाकात की। इस दौरान शी जिनपिंग ने एक बार फिर से ताइवान को लेकर चीन के पुराने रुख पर जोर दिया है। उन्होंने चीन के एकजुटता और एक परिवार की बात दोहराई है।

शी जिनपिंग ने चेंग-ली-वुन से की मुलाकात

चीन की सरकारी मीडिया ने, दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकात की जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हुई थी।

इस बैठक में चीनी राष्ट्रपति ने चेंग-ली-वुन से कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि चीनी और ताइवान के लोग एकजुट होंगे। जिनपिंग ने कहा कि ताइवान स्ट्रेट के दोनों तरफ के लोग चीनी हैं। दोनों देशों के संबंधों का भविष्य चीनी जनता के हाथों में है।

बता दें, इस समय ताइवन की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कुओमिन्तांग (KMT) की अध्यक्ष चेंग ली-वुन चीन के दौरे पर हैं। इस दौरान को उन्होंने 'शांति मिशन' बताया है। बताया जा रहा है कि इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना है। ऐसे समय में जब चीन ताइवान पर सैन्य बढ़त बढ़ा रहा है।

ताइवान का सबसे बड़ा समर्थक है अमेरिका

इस बैठक में शी जिनपिंग ने कहा कि आज की दुनिया पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं है और ऐसे समय में शांति बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बातचीत के जरिए संबंध सुधारने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

वहीं, ताइवाइन की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति ने फिर से दोहराया है कि ताइवान स्ट्रेट के दोनों ओर के लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं। इस बयान को चीन की 'एक चीन नीति' को फिर से सशक्त करने के रूप में देख रहा है।

इस बीच अमेरिका ने ताइवान के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं होने के बावजूद उसका समर्थन करना बंद नहीं किया। बता दें, अमेरिका ताइवन का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समर्थक और हथियार आपूर्तिकर्ता है। चीन ने बार-बार वांशिटन से ताइवान को हथियार देने पर बैन लगाने की मांग की है।

बता दें, वर्तमान में ताइवान की मौजूदा सरकार चीन के विरोध में हैं। साल 2023 में दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी थी। चीन लगातार ताइवान स्ट्रेट के नजदीक सैन्य गतिविधियां और दबाव को बढ़ाता रहा है। ताकि क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ जाए।

Created On :   10 April 2026 4:10 PM IST

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