US Iran War: शांतिवार्ता से पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री का बड़ा बयान, ईरान को बताया समुद्री लुटेरा, डील न होने पर पावर प्लांट उड़ाने की दी वार्निंग

शांतिवार्ता से पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री का बड़ा बयान, ईरान को बताया समुद्री लुटेरा, डील न होने पर पावर प्लांट उड़ाने की दी वार्निंग
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच शांतिवार्ता के दूसरे दौर की बातचीत को लेकर चर्चांए तेज हैं। इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को उड़ाने की चेतावनी दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच शांतिवार्ता के दूसरे दौर की बातचीत को लेकर चर्चांए तेज हैं। इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को उड़ाने की चेतावनी दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'हमारी नजर आप पर है और यदि आपके नेता शांति समझौते पर राजी नहीं होते हैं तो फिर से ईरान पर हमला करेंगे।'

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान को बताया समुद्री लुटेरा

एक तरफ ट्रंप प्रशासन कभी शांति समझौते के करीब होने का भरोसा जताता है। तो कभी ईरान के नेतृत्व को समझौते का पालन न करने पर धमकी देता है। दरअसल, ईरान से युद्ध के चलते अमेरिका में ट्रंप प्रशासन पर घरेलू दवाब बढ़ रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री का कहना है कि ईरान के नेता साझेदारी से फैसला लेंगे।

पीट हेगसेथ ने कहा, 'इस समय अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है। अगर ईरान के साथ कोई डील नहीं हुई तो हम दोबारा लड़ाई शुरू कर देंगे। ईरान ये कहता है कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल करता है। वे इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को धमकी देते हैं। यह कंट्रोल नहीं, समुद्री डकैती है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ईरान की हर हरकत पर नजर रखे हुए है।'

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। तेहरान के अमेरिका के साथ युद्ध के दौरान इस अहम समुद्री मार्ग पर दबाव बढ़ाने के बीच बीजिंग की ओर यह पहली ऐसी अपील है। वांग यी ने बुधवार को अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी मांगी।

बता दें, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक मध्यस्थता प्रतिनिधिमंडल बुधवार को तेहरान पहुंचा था। इस दौरान ने पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता के लिए नए शांति प्रस्तावों पर चर्चा की। ईरान का करीबी सहयोगी और उसके तेल का सबसे बड़ा आयातक चीन भी अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ते ऊर्जा संकट पर चिंता व्यक्त की गई है। अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान के बंदरगाहों से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

Created On :   17 April 2026 12:15 AM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story