12वां IPU: उज्बेकिस्तान में वैश्विक सम्मेलन, 183 देशों के युवा सांसद होगे शामिल, अंशाति के दौर में मानवाधिकार, न्याय और गरिमा पर होगी बात

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शहडोल की युवा आदिवासी सांसद हिमाद्री सिंह की आवाज अब वैश्विक मंच पर गूंजेगी। उनके साथ- साथ वैश्विक सम्मेलन में राघव चड्ढा भी हिस्सा लेगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भारत-उज्बेकिस्तान युवा सांसद प्रतिनिधिमंडल में भारत के दो युवा सांसदों को शामिल किया है। जिसमें लोकसभा के 543 सांसदों में से हिमाद्री सिंह जबकि 245 वाली राज्यसभा से राघव चड्ढा को शामिल किया गया है। दोनों ही युवा भारतीय सांसद युवा सांसदों के उज्बेकिस्तान के समरकंद में 12वें वैश्विक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। प्रतिनिधिमंडल का ये दौरा 4 से 7 सितंबर तक रहेगा। सम्मेलन में 6 सितंबर को एक सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा।
आईपीयू सम्मेलन में जाने से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल का दिल्ली एयरपोर्ट से फोटो
युवा सांसद हिमाद्री सिंह की आवाज अब मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र शहडोल से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और अब ताशकंद के अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचेगी। शहडोल के साथ- साथ ये पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है।
मध्यप्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र से आने वाले युवा महिला सांसद हिमाद्री सिंह वैश्विक मंच पर सामाजिक न्याय, गरिमा, रोजगार से लेकर कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखेगी। ये शहडोल के साथ पूरे मध्यप्रदेश के लिए एक गौरव और सम्मान की बात है, कि प्रदेश की एक बेटी दुनिया के कई देशों के युवा सांसदों के ग्लोबल प्लेटफॉर्म को संबोधित करेगी।
हालांकि वैश्विक सम्मेलन में शामिल होने से पहले राघव चड्ढा को एक झटका लगा है, पंजाब में वोटर लिस्ट की एसआईआर में राघव चड्ढा का नाम मोहाली से हट गया है, इसे लेकर उन्होंने राज्य की आप सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने विरोधी पार्टी पर गंभीर आरोप है। आपको बता दें राघव पंजाब से राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए, राज्यसभा के लिए देश के किसी भी राज्य की मतदाता सूची में नाम होना चाहिए। वोटर लिस्ट से नाम हटने से उनकी उच्च सदन की सदस्यता पर खतरा पैदा हो सकता है।
आपको बता दें लोकसभा अध्यक्ष ने भारत-उज्बेकिस्तान संसदीय मैत्री समूह के लिए भारत से केवल दो युवा सांसदों का चयन किया गया, इसमें शहडोल की सांसद हिमाद्री सिंह का नाम भी शामिल होना मध्यप्रदेश की युवा राजनीति नेतृत्व क्षमता के लिए के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हिमाद्री सिंह और राघव चड्ढा दोनों को प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संसदीय एवं युवा संवाद को मजबूत करने का एक अवसर है।
आपको बता दें भारतीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे से कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से सम्मानित किया गया है। पीएम मोदी ने सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताते हुए दोनों देशों के बीच सदियों पुराने मैत्री संबंधों को समर्पित किया।
युवा सांसदों के12वां IPU वैश्विक सम्मेलन के दौरान दुनिया में मौजूदा अशांत दौर में सभी के लिए मानवाधिकार, न्याय और गरिमा की पुनर्स्थापना करना है। 2026 में आयोजित हो रहे इस युवा सांसदों के सम्मेलन में मानवाधिकारों को केंद्र में रखा गया है। 12वां आईपीयू वैश्विक सम्मेलन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं। आपको बता दें इस सम्मेलन में चालीस साल से कम उम्र के चार युवाओं को प्रतिनिधिमंडल में भेजने के लिए आमंत्रित किया जाता है। प्रतिनिधिमंडल में सबसे युवा सांसदों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही प्रतिनिधिमंडल में लैंगिक संतुलन होना चाहिए।
इंटर पार्लियामेंट यूनियन की स्थापना 1889 में हुई, इसका उद्देश्य प्रत्येक के लिए लोकतंत्र। इस संगठन में 183 देश शामिल है, युवा महिला सांसदों की बात की जाए तो 27.5 फीसदी जबकि युवा सांसदों की भागीदारी 19.1 फीसदी है।
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