US Midterm Election Result 2026: ईरान युद्ध और महंगाई ने डुबोई रिपब्लिकन पार्टी की नैया, जेडी वेंस ने बताईं हार की 4 बड़ी वजहें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान युद्ध और महंगाई के मुद्दे को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की हार की बड़ी वजह मानी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध, महंगाई और ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने को जिम्मेदार बताया। उन्होंने इजरायल के साथ अमेरिका के संबंधों में बदलाव की जरूरत भी जताई। वेंस ने कहा, 'हम हार गए क्योंकि युद्ध हुआ। राष्ट्रपति ने खुद कल रात यह बात कही थी।'
उन्होंने पार्टी से नाराज मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'जो लोग नाराज हैं और कहना चाहते हैं कि हमने पहले ही चेतावनी दी थी, वे सही थे।' वेंस ने कहा कि अब अगले दो साल देश को संभालने, उपलब्धियां हासिल करने और 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत की तैयारी पर केंद्रित होने चाहिए।
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वेंस ने हार के पीछे डिटेल में बताई वजह
वेंस ने एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया। इसमें कहा कि हमारी तरफ के डेटा एनालिस्ट जिस बात पर बहुत ध्यान दे रहे थे, वह थी कंपोजिशन यानी वोटर्स के ग्रुप 2024 के चुनाव जैसा है। इससे रिपब्लिकन पार्टी जीत सके? भले ही पोल में डेमोक्रेट्स की भारी जीत दिखाई जा रही थी। लेकिन डेटा हमे लगातार एक ही बात बता रहा था। कुछ राज्यों में वोटिंग ठीक ठाक रही। कुछ में बहुत शानदार रही। किसी भी राज्य में स्थिति बहुत खराब नहीं थी। हमारी टीम में एक वास्तविक उम्मीद थी। हमारे समर्थक वोट डालने आ रहे थे। इसलिए मैंने अपने जानने वाले सबसे होशियार डेटा एक्सपर्ट से पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि हम दुनिया को चौंकाने वाले हैं।
वेंस ने आगे बताया कि उसने कहा कि नहीं, हो सकता है कि हम पोल के अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन करें। लेकिन डेटा बता रहा है कि 2024 में ट्रंप/वेंस को वोट देने वाले कई लोग नाराज हैं। विपक्ष को वोट देने की सोच रहे हैं। हमारे वोटर्स तो बाहर आ रहे हैं, लेकिन शायद ही वो हमें वोट दें।
वेंस ने कहा कि अब यह बात बिल्कुल सटीक साबित होती दिख रही है। हमारे मतदाता सच में बाहर आए। उदाहरण के लिए, फ्लोरिडा में रिपब्लिकन मतदाताओं की संख्या डेमोक्रेट्स से 9 पॉइंट ज़्यादा थी, जो 2024 के मुकाबले बस कुछ ही पॉइंट कम है। इसमें कोई शक नहीं कि कुछ जगहों पर हम मतदाताओं की भागीदारी (टर्नआउट) को और बेहतर बना सकते थे। लेकिन मुख्य समस्या टर्नआउट नहीं है। असली समस्या यह है कि जिन लोगों ने 2024 में ट्रम्प/वेंस को वोट दिया था, उनमें से कई लोगों ने 2026 में डेमोक्रेट्स को वोट दिया। अब इस बात पर काफी बहस और खींचतान होगी कि आखिर क्या हुआ और ऐसा क्यों हुआ।
इन चार वजहों से हारे - जेडी वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में कहा कि एक पोलस्टर हैं। इनका मैं बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंने बताया कि चुनाव के आखिरी दौर में हमारा आर्थिक संदेश उतना प्रभावी नहीं था। मुझे यकीन है कि यह सच है। लेकिन हमारी हार का असली कारण लगभग सभी को पता है। एक और पोलस्टर हैं, जो राजनीति में मेरी जान पहचान के सबसे समझदार लोगों में से एक हैं। उन्होंने कल मुझे बताया कि हम जेनेरिक बैलेट में 13 पाइंट से हारेंगे। मंगलवार को चुनाव से पहले ही मैं काफी निराश था। इस बात ने मुझे भी चौंका दिया।
उन्होंने कहा कि उनकी पोलिंग में यह सामने आया है कि 2024 में ट्रम्प को वोट देने वाले कई लोग नाराज थे। डेमोक्रेट्स को वोट देने का मन बना चुके थे। उन्होंने उन मतदाताओं से पूछा जो हमसे दूर हो गए थे कि वे वापस हमारी तरफ का आ सकते हैं। सबसे ज्यादा मिलने वाले चार जवाब ये थे कि युद्ध खत्म करें। जीवन यापन की लागत और महंगाई पर ध्यान दें। अमेरिका फर्स् की नीति अपनाएं। इजरायल के साथ हमारे रिश्तों में बदलाव लाएं। हमारे वोटर्स बाहर आए, लेकिन ऊपर बता गए चार कारणों की वजह से उनमें से कई ने डेमोक्रेट्स को वोट दिया।
जेडी वेंस ने अपने पोस्ट में कहा है कि यह बात उस पोलस्टर ने बताई है, जिनके नतीजे बिल्कुल सटीक निकले। जहां एक तरफ बहुत से लोगों ने सोमवार को रशेल कैम्पोस डफी की आलोचना की। उन्होंने संघर्ष के कूटनीतिक समाधान की बात कही थी। वहीं अब पता चला है कि उनकी राजनीतिक सलाह बिल्कुल सही थी। आने वाले कुछ महीनों में लोगों को गुमराह करने की काफी कोशिशें होंगी। आप देखेंगे कि कई स्थापित राजनेता यह कहेंगे कि हमारी समस्याओं का समाधान एमनेस्टी है। मैं इस विचार के पक्ष में हूं कि हमें कानून लागू करने के तरीकों में बदलाव करना चाहिए।
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हमें कुछ बदलाव करना होगा - जेडी वेंस
वेंस ने कहा कि उदाहरण के लिए उन व्यवसायों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जो अवैध रूप से कामगारों को काम पर रखते हैं। लेकिन जो कोई भी एमनेस्टी की वकालत कर रहा है, वह आपसे झूठ बोल रहा है। हमारी हार का कारण हम यह जंग हार चुके हैं। कल रात खुद राष्ट्रपति ने भी यही कहा। अगर आप यह तर्क देना चाहते हैं कि यह सब जायज था, कि अगले 6 सालों के लिए सीनेट गंवा देना एक उचित कीमत थी, तो बेशक ऐसा कहें।
वेंस ने कहा कि तर्क दें कि यह एक ऐसी कीमत थी, जिसे चुकाना सही था। आप सहमत हों या असहमत। कम से कम यह एक ईमानदार बात होगी। लेकिन हर कोई जानता है कि हम क्यों हारे। अब आगे क्या करना है। इस पर कोई भी ईमानदार चर्चा शुरू होना चाहिए। मुझे अपने देश को लेकर अभी भी उम्मीद है। जो लोग नाराज हैं, कहना चाहते हैं कि मैंने तो पहले ही कहा था, तो आप सही हैं। आपने वाकई ऐसा कहा था। अपनी इस ऊर्जा का इस्तेमाल ऐसे रिपब्लिकन उम्मीदवारों को चुनने में करें, जिनकी सोच आपसे मेल खाती है। जो लोग नतीजों से नाराज हैं। उनका नाराज होना स्वाभाविक है। आइए इस गुस्से को काम में बदलें। और अपने देश को बचाने के काम में एक बार फिर से जुट जाएं।
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