मिडिल ईस्ट में खोखला साबित हो रहा युद्धविराम: जंग के बीच न्यूक्लियर साइट्स विकसित करने में जुटा ईरान! सैटेलाइट इमेजिस से बढ़ेगी अमेरिका की टेंशन

जंग के बीच न्यूक्लियर साइट्स विकसित करने में जुटा ईरान! सैटेलाइट इमेजिस से बढ़ेगी अमेरिका की टेंशन
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से हालात तनावपूर्ण है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी हमलों से 14 सूत्रीय समझौता टूटने की कगार पर है। इस बीच नई सैटेलाइट्स तस्वीरों में बड़ा खुलासा हुआ है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से हालात तनावपूर्ण है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी हमलों से 14 सूत्रीय समझौता टूटने की कगार पर है। इस बीच नई सैटेलाइट्स तस्वीरों में बड़ा खुलासा हुआ है। सीएनएन की एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अपने कुछ संदिग्ध परमाणु ठिकानों पर फिर से निर्माण कार्य शुरू कर रहा है। दरअसल, पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए 14 सूत्रीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के मुताबिक ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का दावा किया था। ऐसे में इन इमेजिस से समझौता के उल्लंघन की संभावना बढ़ गई है।

तनाव के बीच परमाणु विकसित कर रहा ईरान!

सीएनएन ने इंस्टीट्यूट फॉर साइंस इंटरनेशनल सिक्योरिटी के साथ मिलकर सैटेलाइट तस्वीरों का एनालिसिस किया। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा गतिविधि पारचिन (Parchin) परमाणु परिसर में देखी गई है, जहां परमाणु हथियारों से जुड़े विस्फोटक परीक्षण होने की आशंका पहले भी जताई जाती रही है।

रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले से पहले ईरान ने इस परिसर के चारों और कंक्रीट की सुरक्षा परत बनाई थी। हमले में यह हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। हालांकि, जून और जुलाई की नई तस्वीरों में वहां मरम्मत और निर्माण का काम फिर से शुरू होता नजर आ रहा है।

रिपोर्ट में पिकऐक्स माउंटेन का भी जिक्र किया गया है। इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा संवेदनशील ठिकाना माना जाता है। सैटेलाइट तस्वीरों में सुरंगों के अंदर वाहनों की आवाजाही दिखाई दी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियां अमेरिका के साथ हुए समझौते की शर्तों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती हैं। जिससे इससे नए सवाल खड़े हो गए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्फान, फोरडो और नतांज जैसे प्रमुख परमाणु केंद्रों पर फिलहाल कोई नई बड़ी गतिविधि नहीं नजर आई। हालांकि, ईरान के कुछ मिसाइल भंडारण पर मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू होने के संकेत मिले हैं। अमेरिका और उसके समर्थक देश पहले से ही ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चिंता जाहिर करते आए हैं।

यह भी पढ़े -अमेरिका-ईरान तनाव पर बोले सलमान खुर्शीद, दोस्त गलती करे तो टोकने का साहस होना चाहिए जो उनमें नहीं

किन शर्तों पर हुआ था समझौता?

बीते महीने अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय MoU में ईरान ने साफ दोहराया था कि वह परमाणु हथियार न तो विकसित करेगा और न ही इसे हासिल करेगा। इतना ही नहीं, बल्कि, संवर्धित यूरेनियम के भंडार का समाधान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की मॉनिटरिंग करने पर भी सहमति बनी थी।

हालांकि, अब सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों ने इस बात पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या ईरान ने समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही दिनों बाद उसकी शर्तों का उल्लंघन शुरू कर दिया था। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही सीजफायर खत्म होने का ऐलान कर चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

Created On :   11 July 2026 2:53 PM IST

Tags

Next Story