PM Modi in New Zeland: क्या है ट्रिपल T फैक्टर जिस पर PM मोदी ने दिया जोर, गाला लंच के दौरान भारत-न्यूजीलैंड संबंधों पर भी की चर्चा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। इस दौरान शनिवार को आयोजित गाला लंच में सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण के शुरुआत में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के पीएम की शानदार मेहमाननवाजी के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लक्सन ने इतना स्नेह और अपनापन दिया है कि ऑकलैंड की ठंड भी कम महसूस हो रही है। इस यात्रा के दौरान न्यूजीलैंड के लोगों से जो प्यार और सम्मान मिला है। वह हमेशा याद रहेगा।
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पीएम मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड संबंधों पर की चर्चा
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा आई है। उनके नेतृत्व, स्पष्ट सोच और मजबूत प्रतिबद्धता के कारण भारत और न्यूजीलैंड की दोस्ती को नई गति और नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि करीब 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा हो रहा है और यह दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड दोनों लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं और यही बात दोनों देशों को एक-दूसरे के और करीब लाती है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। आज की बैठक में दोनों देशों ने सहयोग को और गहरा और व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके तहत दोनों देश स्पष्ट लक्ष्यों और ठोस परिणामों के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष दोनों देशों ने रिकॉर्ड समय में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है। इससे दोनों देशों के उद्योगों, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड केवल व्यापार ही नहीं बल्कि भरोसे, तकनीक और प्रतिभा के क्षेत्र में भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में दोनों देशों के व्यापार में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और उम्मीद है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अगले पांच वर्षों में व्यापार को दोगुना करने का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने न्यूजीलैंड की तरफ से भारत में 20 बिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता का भी स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे न्यूजीलैंड की कंपनियों को भारत की विकास यात्रा में लंबे समय तक भागीदार बनने का अवसर मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश अपनी ताकत को व्यावहारिक सहयोग में बदल रहे हैं। फिनटेक के क्षेत्र में भारत के यूपीआई और न्यूजीलैंड के भुगतान सिस्टम को जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे दोनों देशों के लोगों और व्यवसायों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि कृषि, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग की मजबूत योजना तैयार की है। इससे किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा। मेडिकल के क्षेत्र का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड दोनों के पास इस क्षेत्र में समृद्ध परंपराएं हैं। दोनों देशों ने स्वास्थ्य सहयोग में पारंपरिक चिकित्सा की भूमिका बढ़ाने पर सहमति जताई है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग उनके मजबूत रणनीतिक विश्वास का प्रतीक है। पिछले वर्ष हुए रक्षा सहयोग समझौते ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत आधार दिया है। आज दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग के लिए एक नए ढांचे पर सहमति बनाई है। द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास, लॉजिस्टिक सहयोग और हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में सहयोग से दोनों देशों का तालमेल और मजबूत होगा।
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पीएम मोदी ने T फैक्टर पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत लोगों के बीच के संबंध हैं। भारतीय समुदाय ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न्यूजीलैंड में खास पहचान बनाई है। उन्होंने भारतीय समुदाय की देखभाल और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री लक्सन, न्यूजीलैंड सरकार और वहां के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आज हुए सांस्कृतिक सहयोग समझौते से कला, संस्कृति, विरासत और रचनात्मक उद्योगों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र रहा है और भारत न्यूजीलैंड की विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर खोलने के लिए आमंत्रित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों की 100वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। सौ साल पहले मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड का दौरा कर इतिहास रचा था। यह आज भी दोनों देशों के खेल संबंधों को प्रेरित करता है। इस अवसर पर दोनों देशों में कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी सहयोग बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स जॉइंट एक्शन प्लान तैयार किया गया है। हाल ही में भुवनेश्वर में न्यूजीलैंड रग्बी और रग्बी इंडिया के कोचिंग कार्यक्रम के जरिए इसकी अच्छी शुरुआत हुई है।
ग्लोबल मुद्दों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड विश्व मंच पर भरोसेमंद साझेदार और करीबी मित्र हैं। दोनों देशों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र समेत कई वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है ताकि वर्तमान समय की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके। आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत बनाने के लिए दोनों देशों ने संयुक्त कार्य समूह बनाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के लोगों को माओरी नव वर्ष मातारिकी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिस तारामंडल को न्यूजीलैंड में मातारिकी कहा जाता है, उसे भारत में प्राचीन काल से कृत्तिका नक्षत्र के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मातारिकी का यह पर्व दोनों देशों के संबंधों को सितारों की तरह चमकदार बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मित्रता, प्रतिबद्धता और सहयोग के लिए वह आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जैसे रग्बी में टीमवर्क और भरोसा जरूरी होता है, वैसे ही भारत और न्यूजीलैंड भी आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक ही टीम का हिस्सा हैं और इसलिए वे चुनौतियों का मिलकर सामना करेंगे।
Created On :   11 July 2026 5:18 PM IST












