Nepal Flood: अचानक आई बाढ़ से नेपाल में हाहाकार, 7 की मौत, 1000 लोगों के बहने की आशंका, हेल्पलाइन नंबर जारी, देखें खौफनाक Video

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तिब्बत की ओर से अचानक आई तेज बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है। टिमुरे बाजार और आसपास के इलाकों में पानी ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया है। लेन्दे खोला यानी भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से रसुवा सीमा नाके को भी बड़ा नुकसान हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, टिमुरे समेत दो बाजार पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। इस घटना में करीब 1000 लोगों के बह जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब तक 7 लोगों की मौत की मौत की खबर सामने आई है। हालात को देखते हुए सरकार ने बचाव और राहत के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।
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टिमुरे में बाजार और कस्टम क्षेत्र बर्बाद
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर टिमुरे बाजार और उसके आसपास के इलाकों में दिखा। रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बताया कि कस्टम कार्यालय के इलाके में खड़े कई वाहन और सामान पानी में बह गए। पिछले साल बाढ़ से खराब हुए स्थान पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी इस बार नहीं बच सका और पानी में बह गया। बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक आई बाढ़ से टिमुरे की बस्ती में पानी घुस गया। निचले इलाकों में बनी जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। बाढ़ का पानी कई बस्तियों तक पहुंच गया।
तीन पुलिस चौकियों को भी नुकसान
बाढ़ की चपेट में नेपाल पुलिस के तीन कार्यालय भी आए हैं। इनमें इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी शामिल हैं। इस बीच बाढ़ का असर नुवाकोट तक भी पहुंच गया है। वहां के जिला प्रशासन कार्यालय ने भी इसकी जानकारी दी है। स्थिति को देखते हुए काठमांडू में ट्रैफिक पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों को रोक दिया है। इन जिलों की ओर जाने वाली आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है।
दो सैन्य हेलीकॉप्टर बचाव के लिए भेजे
बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने और राहत पहुंचाने के लिए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने हालात पर नजर रखने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की आपात बैठक बुलाई है। उनके सलाहकार असीम शाह के अनुसार, प्रधानमंत्री प्रभावित जिलों के अधिकारियों से सीधे संपर्क में हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी तैयार रहने को कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। गृह मंत्री सुदन गुरुङ की मौजूदगी में भी आपात बैठक चल रही है। इसमें नुकसान, खोज, बचाव और राहत को लेकर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
पांच जिलों में अलर्ट, यात्रा से बचने की अपील
भोटेकोशी नदी में बढ़े पानी को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने को कहा गया है। सरकार ने लोगों से पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी–नुवाकोट–रसुवा–स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लिन–नारायणगढ़ सड़क पर यात्रा नहीं करने की अपील की है। इन रास्तों पर आवाजाही रोकने को कहा गया है। अगर किसी जगह खोज या बचाव की जरूरत हो तो टोल-फ्री नंबर 1234 पर संपर्क किया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के काम में जुटी हैं।
Created On :   26 Aug 2026 2:52 PM IST












