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अमेरिकी महिला ने पाकिस्तान में मचा दी उथल-पुथल

June 03rd, 2020 23:00 IST
 अमेरिकी महिला ने पाकिस्तान में मचा दी उथल-पुथल

हाईलाइट

  • अमेरिकी महिला ने पाकिस्तान में मचा दी उथल-पुथल

इस्लामाबाद, 3 जून (आईएएनएस)। अमेरिका की एक महिला ने पाकिस्तान के लोगों के दिल-दिमाग को इस समय झकझोरा हुआ है।

महिला का नाम सिंथिया डी रिची है। वह खुद को एडवंचर प्रेमी, फिल्मकार, पत्रकार और ब्लॉगर बताती हैं और इस वक्त विवाद के केंद्र में हैं।

पाकिस्तान की महिला कमांडो के साथ उन्हीं जैसे काले यूनिफार्म में प्रशिक्षण ले रहीं (यूट्यूब वीडियो देखें) सिंथिया अमेरिकी हैं लेकिन अभी पाकिस्तान में रहकर यहीं की रिपोर्ट दे रही हैं। उन्हें सत्ता प्रतिष्ठान का करीबी माना जाता है।

पाकिस्तान की खुफिया संस्था आईएसआई के एजेंट अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली की कहानी जैसी सिंथिया एक उग्र राजनीतिक झंझावात में फंस गई हैं।

पाकिस्तानी-अमेरिकी हेडली (59) अमेरिका की अज्ञात जेल में 35 साल कैद की सजा काट रहा है। उसने स्वीकार किया था कि उसने मुंबई के 26/11 के आतंकी हमलों की जगहों की निशानदेही के लिए कई बार शिकागो से मुंबई की यात्रा की थी। उसने आईएसआई और पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्करे तैयबा के गठजोड़ का भी खुलासा किया था।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने दिवंगत बेनजीर भुट्टो के खिलाफ कथित घृणास्पद टिप्पणी के लिए रिची के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

पीपीपी के पेशावर जिला अध्यक्ष जुल्फिकार अफगानी ने ब्लॉगर के खिलाफ गुलबहार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। यह साफ दिख रहा है कि सत्ता प्रतिष्ठान और आईएसआई रिची को प्रमुख विपक्षी दल पीपीपी के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं।

पीपीपी की महिला शाखा की प्रांतीय सूचना सचिव एडवोकेट मेहर सुलताना ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के खिलाफ घृणा से भरे और निंदनीय बयानों के कारण रिची को देश से निष्कासित करने की मांग की है।

पीपीपी नेता ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि दिवंगत बेनजीर भुट्टो के खिलाफ रिची के समीक्षा लेख ने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में तीव्र आक्रोश फैला दिया है।

सुलताना ने कहा कि पीपीपी के खिलाफ रिची की साजिशों और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिनिधियों के साथ उनकी तस्वीरों से देश के लोगों के बीच गलत संदेश गया है।

उन्होंने कहा कि खुद को एक पर्यटक, पत्रकार और बेली डांसर बताने वाली रिची बेनजीर के बारे में ऐसे घटिया कमेंट कर देश के आंतरिक मामलों में दखल दे रही है।

सुलताना ने कहा, शहीद बेनजीर भुट्टो एक विचारधारा का नाम हैं जिन्होंने लोकतंत्र और अवाम के लिए अद्वितीय कुर्बानियां दी थीं।

डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बीते हफ्ते उस वक्त सनसनी फैल गई जब पीपीपी ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के खिलाफ घृणा से भरी बदनाम करने वाली टिप्पणियों के लिए रिची के खिलाफ संघीय जांच एजेंसी की साइबर अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई।

पीपीपी अधिवक्ता ने कहा कि रिची ने अपने ट्वीट में बेनजीर और उनके पति आसिफ अली जरदारी के वैवाहिक जीवन के बारे में बेहद घृणास्पद और निंदनीय टिप्पणियां की हैं।

रिची ने हाल में माडल उजमा खान और आमना उस्मान नाम की एक महिला के बीच हिंसक विवाद के संदर्भ में टिप्पणी की थी। आमना ने उजमा पर अपने पति से संबंध का आरोप लगाया था और उजमा के खिलाफ अपनी हिंसा को जायज ठहराया था।

बेनजीर पर अपनी बात को सही ठहराने के लिए रिची ने इंडीसेंट कॉरसपोंडेंस: सीक्रेट सेक्स लाइफ आफ बेनजीर भुट्टो का आवरण पृष्ठ पोस्ट किया था। रोशन मिर्जा की लिखी इस किताब में कुछ हाई प्रोफाइल पाकिस्तानी महिलाओं के सेक्सुअल एडवेंचर का उल्लेख है।

मिर्जा ने इसमें लिखा है, यह महिलाएं अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए लड़कों का इस्तेमाल करती हैं..और आश्चर्य में डालने वाली बात यह है कि यह महिलाएं किसी सेक्सुअल लिबरल देश की नहीं बल्कि पाकिस्तान के एक राजनीतिक वंश की हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।