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मानव तस्करी: बांग्लादेश पुलिस ने दो गिरोहों के आठ सदस्यों को किया गिरफ्तार

मानव तस्करी: बांग्लादेश पुलिस ने दो गिरोहों के आठ सदस्यों को किया गिरफ्तार

हाईलाइट

  • बांग्लादेश पुलिस ने 2 मानव तस्करी गिरोहों के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया

डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश पुलिस की रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) ने राजधानी ढाका में अलग-अलग अभियान में दो मानव तस्करी गिरोहों के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरएबी के अनुसार, ढाका के हतिरझील और पलटन इलाकों में बुधवार रात गिरफ्तारियां हुईं। डीबी फिलहाल समीर अहमद उमर फारा नामक लीबियाई नागरिक का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिसे तस्करी का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

मानव तस्करी रोकथाम एवं आतंकवाद रोधी अधिनियम के तहत छह जून को 27 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरएबी-3 के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल रकीबुल हसन ने कहा कि लीबियाई नागरिक समीर 2010 से एक अन्य आरोपी अब्दुल गुफरान की पलटन स्थित भर्ती एजेंसी सूफी इंटरनेशनल लिमिटेड की मदद से लीबिया में अवैध रूप से बांग्लादेशियों को भेजता रहा है।

आरएबी अधिकारियों ने कहा कि वे संदिग्धों से पूछताछ करेंगे और आगे इस मामले में जांच करेंगे कि क्या और भी लोग शामिल थे। इस बीच, डीबी की एक टीम ने राजधानी के जतराबारी इलाके से मोनिर हुसैन और सलीम सिकदर नामक दो सर्वाधिक वांछित मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है।

डीबी के डिप्टी कमिश्नर मशीउर रहमान ने आईएएनएस को बताया कि पिछले साल जून में मोतीझील पुलिस थाने में दर्ज एक मानव तस्करी मामले में दोनों मुख्य आरोपी थे। रहमान ने कहा, मोनिर ज्यादातर शरीयतपुर, मदारीपुर, फेनी, और तंगेल में गरीब लोगों को निशाना बनाता था। यह तस्करी गिरोह विदेश जाने की चाह रखने वाले एक व्यक्ति से चार से पांच लाख टका वसूलता था।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि मोनिर एक निर्माण कंपनी के लिए काम करने के लिए लीबिया गया था, लेकिन अवैध कामों के लिए जल्द ही एक लीबियाई मिलीशिया और स्थानीय पुलिस के साथ उसने सांठगांठ कर लिया। बाद में, उनकी मदद से, वह सीधे लीबिया के विभिन्न स्थानों में तस्करी कैम्पों का संचालन करने लगा। उन्होंने कहा, मोनिर ने अब तक सैकड़ों लोगों को लीबिया भेज चुका है। गिरोह पीड़ितों के परिवारों से भी पैसे उगाहता था।

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