comScore

Coronavirus in World: दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 4 लाख के पार, 69.18 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित 

Coronavirus in World: दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 4 लाख के पार, 69.18 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित 

हाईलाइट

  • भारत-चीन अधिक जांच करें तो कोविड-19 के ज्यादा मामले आएंगेः ट्रंप
  • पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में 97 की मौत, संक्रमितों की संख्या 94 हजार के करीब
  • सिंगापुर में संक्रमण के 344 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 37527 हुई

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। इस जानलेवा वायरस से हर दिन हजारों की संख्या में संक्रमित हो रहे हैं और मौतों की आंकड़ा भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह वायरस अब तक 4 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। www.worldometers.info वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार शनिवार रात 11 बजे तक दुनियाभर में 69 लाख 18 हजार 960 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 400,098 लोगों की मौत हो चुकी है। तो वहीं 33 लाख 86 हजार 289 लोग स्वस्थ हुए हैं। 31 लाख 32 हजार 573 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 53 हजार 597 लोगों की हालत गंभीर है।

अकेले अमेरिका जैसे सशक्त देश में दुनिया के कुल संक्रमितों में से 28.56 प्रतिशत से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। सऊदी अरब ने हाल ही में प्रतिबंधों में ढील देने के बाद एक बार फिर से नियम सख्त किए हैं। कोरोना के मामले बढ़ने पर यहां के शहर जेद्दा में दिन में 3 बजे से सुबह 6 बजे तक लोगों की आवाजाही पर मनाही रहेगी। इसके साथ ही यहां पर मस्जिदों में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है । यहां पर 95 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

कोरोनावायरस : 10 सबसे ज्यादा प्रभावित देश

देश

कितने संक्रमितकितनी मौतेंकितने ठीक हुए
अमेरिका19,76,5151,11,7167,39,724
ब्राजील6,51,980 35,211 3,02,084
रूस 4,58,689 5,7252,21,388
स्पेन 2,88,39027,135उपलब्ध नहीं
ब्रिटेन 2,84,86840,465 उपलब्ध नहीं
भारत2,46,4546,9461,18,592
इटली2,34,80133,8461,65,078
पेरू1,87,400 5,16279,214
जर्मनी1,85,5808,767 1,68,900
ईरान1,69,4258,209 1,32,038

भारत-चीन अधिक जांच करें तो कोविड-19 के ज्यादा मामले आएंगेः ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और चीन जैसे देश अगर ज्यादा संख्या में जांच करें तो उनके यहां कोरोना वायरस के मामले अमेरिका से अधिक होंगे। ट्रंप ने एक कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका ने दो करोड़ लोगों की जांच की है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका की तुलना में जर्मनी ने 40 लाख और दक्षिण कोरिया ने करीब 30 लाख जांच की हैं।

अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 922 लोगों की मौत
जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक अमेरिका में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से 922 मौतें हुईं, अमेरिका में कोरोना वायरस से होने वाली मौत का आंकड़ा 1,09,042 पर पहुंच गया है। वहीं, वर्ल्डोमीटर के मुताबिक अमेरिका में मौत का आंकड़ा शनिवार सुबह आठ बजे तक 1,11,390 पर पहुंच गया है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि अमेरिका विश्व बिरादरी को कोविड-19 से लड़ने में नई सहायता के तौर पर 19.4 करोड़ डॉलर अतिरिक्त देगा। इसमें वेंटिलेटर खरीदने के लिए लगभग 18.0 करोड़ डॉलर भी शामिल हैं।

फिजी ने खुद को किया कोरोना मुक्त घोषित
प्रशांत महासागर में स्थित फिजी ने खुद को कोरोना वायरस से मुक्त घोषित कर दिया है। देश में संक्रमित मिले सभी 18 लोगों के ठीक होने के बाद उसने यह निर्णय लिया। प्रधानमंत्री फ्रैंक बैनिमारामा ने शुक्रवार को ट्विटर पर लिखा कि अंतिम संक्रमित मरीज भी ठीक हो गया है। हमारे यहां कोरोना संक्रमण की जांच की संख्या बढ़ा दी गई है।

पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में 97 की मौत, संक्रमितों की संख्या 94 हजार के करीब
पाकिस्तान में कोरोना वायरस ने एक दिन में 97 मरीजों की जान ले ली और 4,700 से ज्यादा नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश में मृतकों की संख्या 1,935 हो गई है और संक्रमितों का आंकड़ा 94 हजार के करीब पहुंच गया है। मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने बताया कि पंजाब में कोरोना वायरस के 35,308 मामले हैं, जबकि सिंध में 34,889, खैबर-पख्तूनख्वा में 12,459, बलूचिस्तान में 5,776 इस्लामाबाद में 4,323, गिलगित-बाल्टिस्तान में 897 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 331 मामले दर्ज किए गए हैं।

नेपाल में पिछले 24 घंटे में 323 नए मामले, तीन की मौत
नेपाल में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 323 नए मामले रिपोर्ट किए गए और तीन लोगों की मौत हो गई है। देशभर में अब तक संक्रमितों की कुल संख्या 3,235 हो गई है और अब तक कुल 13 मौतें हुई हैं: स्वास्थ्य मंत्रालय

अफ्रीका में संक्रमितों की संख्या 1.68 लाख के पार
डब्ल्यूएचओ के अनुसार अफ्रीका में कोविड-19 के मामलों की संख्या 1,68,464 तक पहुंच गई है। जबकि 4,700 लोगों की मौत हो चुकी है। अफ्रीकी क्षेत्र में डब्ल्यूएचओ के कार्यालय ने ट्वीट किया कि अफ्रीकी महाद्वीप में 73,000 से अधिक लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

ब्राजील में इटली से ज्यादा मौतें
हाल ही में लॉकडाउन खोलने वाला देश ब्राजील कोरोना वायरस का नया केंद्र बनता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 1,473 मौतों के साथ यह देश इटली से आगे निकल गया है जबकि कुल संक्रमितों की संख्या में यह अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है।

कमेंट करें
2VmX1
NEXT STORY

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।