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विमान हादसा: ईरान के खिलाफ लीगल एक्शन की तैयारी में 5 देश, लंदन में बैठक कर लेंगे निर्णय

विमान हादसा: ईरान के खिलाफ लीगल एक्शन की तैयारी में 5 देश, लंदन में बैठक कर लेंगे निर्णय

हाईलाइट

  • 16 जनवरी को लंदन में चर्चा करेंगे अपने नागरिकों को गंवाने वाले देश
  • यूकेन के अलावा कनाडा, स्वीडन और अफगानिस्तान के नाम सार्वजनिक
  • पांचवें देश के नाम का खुलासा अभी नहीं, लेकिन अटकलें ब्रिटेन को लेकर

डिजिटल डेस्क, सिंगापुर। अमेरिका के साथ चल र​हे​ विवाद के कारण ईरान की परेशानी बढ़ती ही जा रही हैं। उसे यूक्रेन के विमान को मिसाइल से गिराने की गलती खासी भारी पड़ सकती है। हादसे में ईरान के अलावा 5 देश के यात्रियों की मौत हो गई थी। इन पांच देशों ने गुरुवार 16 जनवरी को लंदन में बैठक करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार इस बैठक में ये सभी देश ईरान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर सकते हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने यह जानकारी दी है। 

सिंगापुर के आधिकारिक दौरे से इतर यूक्रेन के विदेश मंत्री वाडिम प्रिस्तायको ने कहा कि इस मीटिंग में ईरान से हर्जाने की मांग पर फैसला लिया जाएगा। 

हादसे में 176 लोगों की हुई थी मौत
बता दें कि बीते बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान के बाहरी इलाके में एक मिसाइल हमले में प्लेन क्रैश हो गया था, जिससे विमान में सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में विमान में खामी की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में ईरान ने स्वीकार किया कि उसकी मिसाइल से ही विमान गिरा था।

ईरान ने यूक्रन को विमान का ब्लैक बॉक्स सौंपने पर सहमति दी 
प्रिस्तायको ने कहा कि ईरान की ओर से यह कहना मूर्खतापूर्ण है कि यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान उसके मिलिट्री बेस के पास गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि ईरान ने यूक्रेन को विमान का ब्लैक बॉक्स सौंपने पर सहमति जताई है। किसी भी विमान हादसे की जांच के लिए ब्लैक बॉक्स को महत्वपूर्ण माना जाता है।

यूकेन के अलावा कनाडा, स्वीडन और अफगानिस्तान के नाम सार्वजनिक
पांच देशों में यूक्रेन के अलावा कनाडा, स्वीडन और अफगानिस्तान शामिल हैं। हालांकि पांचवें देश का नाम अभी पता नहीं चला है। कनाडा के करीब 57 नागरिक विमान में शामिल थे। मगर माना जा रहा है कि पांचवां देश ब्रिटेन हो सकता है। कनाडा ने भी पहले कहा था कि इन चार देशों और ब्रिटेन ने मृतकों के परिजनों का समर्थन करने के लिए एक समूह बनाया है। प्रिस्तायको ने कहा कि विमान हादसे में जिन देशों के लोगों की मौत हुई है, उन सभी ने एक ग्रुप तैयार किया है। 16 जनवरी को ग्रुप की लंदन में मीटिंग है और इस घटना को लेकर कानूनी कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जा सकता है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।