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पाक सेना का पूर्व डॉक्टर और 26/11 मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा अमेरिका में गिरफ्तार

June 20th, 2020 17:00 IST
 पाक सेना का पूर्व डॉक्टर और 26/11 मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा अमेरिका में गिरफ्तार

हाईलाइट

  • पाक सेना का पूर्व डॉक्टर और 26/11 मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा अमेरिका में गिरफ्तार

वाशिंगटन, 20 जून (आईएएनएस)। मुंबई में 26/11 आतंकी हमलों का आरोपी कनाडाई व्यवसायी और पाकिस्तानी सेना का पूर्व चिकित्सक तहव्वुर हुसैन राणा को भारतीय अधिकारियों के अनुरोध पर लॉस एंजिल्स में अमेरिका ने फिर से गिरफ्तार कर लिया है।

पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई से जुड़े राणा (59) को हाल ही में जेल से रिहा कर दिया गया था, जब वह कोविड-19 संक्रमण से ग्रस्त पाया गया था। राणा को 10 जून को एक अन्य आईएसआई ऑपरेटिव डेविड कोलमैन हेडली के साथ लॉस एंजिल्स पुलिस द्वारा दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

सहायक अमेरिकी अटॉर्नी जॉन जे. लुलजियन ने अदालत में खुलासा किया कि भारत सरकार ने अमेरिका और भारत के बीच 1997 में हुई प्रत्यर्पण संधि के अनुसार, 2008 में मुंबई हमलों में शामिल तहव्वुर राणा की फिर से गिरफ्तारी का अनुरोध किया था। पाकिस्तान स्थित एक आतंकी संगठन द्वारा मुंबई में किए गए हमले में 166 से अधिक लोग मारे गए थे।

सहायक अमेरिकी अटॉर्नी ने यह भी कहा कि भारत ने सूचित किया है कि तहव्वुर राणा पर एक सनसनीखेज हत्या को अंजाम देने की साजिश सहित कई अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा रहा है।

इससे पहले 2018 में राणा के प्रत्यर्पण के लिए भारत से एक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम अमेरिका में थी। राणा ने हेडली के साथ मिलकर एक दशक पहले मुंबई हमलों को अंजाम देने में मदद की थी। इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादी शामिल थे। इन आतंकवादियों के हमलों में मुंबई शहर में 166 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जबकि 100 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इस आतंकी हमले के दौरान मुंबई पुलिस ने नौ आतंकवादियों को घटनास्थल पर ही ढेर कर दिया था, जबकि एक पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया था। कसाब को बाद में फांसी दे दी गई थी।

वहीं राणा को 2013 में अमेरिका में दोषी ठहराया गया और 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई। जेल के कैदी लोकेटर संबंधी फेडरल ब्यूरो के रिकॉर्ड के अनुसार, तहव्वुर राणा को 2021 में रिहा किया जाना था।

इस बीच शुक्रवार को जिला न्यायालय कैलिफोर्निया में अमेरिकी जिला न्यायाधीश जैकलिन चूलजियन ने 30 जून को उसकी सुनवाई निर्धारित की है। उसके वकील को 22 जून तक अपनी दलील पेश करने के लिए कहा गया है और अमेरिकी सरकार की प्रतिक्रिया 26 जून तक आने वाली है। सहायक अमेरिकी अटार्नी ने कहा है कि जिन अपराधों के लिए राणा की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था, वे प्रत्यर्पण संधि द्वारा कवर किए गए हैं।

भारतीय एजेंसियों के डोजियर के अनुसार, राणा का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चिचावतनी में हुआ था। राणा ने पाकिस्तान में एक सैन्य आवासीय कॉलेज, कैडेट कॉलेज हसन अब्दल से अपनी चिकित्सा की डिग्री प्राप्त की। इस कॉलेज में उसकी मुलाकात हेडली से हुई, जो आईएसआई का एक प्रमुख ऑपरेटिव बन गया था। पेशे से चिकित्सक, राणा ने पाकिस्तान सेना चिकित्सा कोर में एक कप्तान जनरल ड्यूटी प्रैक्टिशनर के रूप में कार्य किया। राणा और उसकी पत्नी, जो भी एक चिकित्सक हैं, वे दोनों 1997 में कनाडा चले गए और जून 2001 में उन्होंने कनाडा की नागरिकता प्राप्त की। युगल शिकागो में रहते थे और ये एक आव्रजन सेवा एजेंसी सहित कई व्यवसायों के मालिक भी हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।