comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

जापान में 'हेगीबिस' तूफान ने ली 35 की जान, भारतीय नौसेना ने भेजे दो युद्धपोत


हाईलाइट

  • जापान में यह 60 सालों में सबसे विनाशकारी तूफान है
  • तूफान से 35 लोगों की मौत, 100 से अधिक लोग घायल
  • भारतीय नौसेना ने जापान की मदद के लिए दो युद्धपोत भेजे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जापान की राजधानी भयंकर तूफान ‘हेगीबिस’ से जू रही है, इस तूफान का असर देश के अन्य हिस्सों में भी है। इस प्रलयकारी तूफान ने अब तक 35 लोगों की जान ले ली है, वहीं 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि 16 लोग लापता हैं। भारी बारिश के कारण आई इस बाढ़ में टोक्यो समेत कई शहरों में पानी भर गया है। इससे निपटने के लिए यहां बड़े पैमाने पर बचाव अभियान जारी है। 

आपको बता दें कि शक्तिशाली तूफान हेगीबिस ने दक्षिण-पश्चिम में इजु प्रायद्वीप पर शनिवार शाम सात बजे से दस्तक दी थी। यह तूफान 225 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आगे बढ़ा। जापान में यह 60 सालों में सबसे विनाशकारी तूफान है।

पीएम मोदी ने संवेदना व्यक्त की
इस तूफान पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि मैं इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान और तबाही से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। पीएम ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में जापान के साथ एकजुटता से खड़ा है।

भारतीय नौसेना ने भेजे दो युद्धपोत 
राहत कार्य के लिए 31 हजार सैनिक और एक लाख बचावकर्मी रात भर लगे हुए हैं वहीं फंसे हुए लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इसी बीच भारतीय नौसेना ने जापान की मदद के लिए दो युद्धपोत भेजे हैं। आईएनएस शहयाद्री और आईएनएस किल्तान भारी बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाएंगे।

बड़े हिस्से में भारी बारिश
इस तूफान के आने के बाद जापाान के बड़े हिस्से में भारी बारिश हुई, जिससे बाढ़ आ गई और भूस्खलन की कई घटनाएं हुईं। इस तूफान ने पहले राजधानी टोकियो को अपनी चपेट लिया, फिर यह तूफान उत्तर की ओर बढ़ गया है। अब तक इस तूफान ने जापान के अधिकांश शहरों में तबाही मचाई है और इससे प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है।

12 नदियों ने अपने किनारों को तोड़ा
एक रिपोर्ट के मुताबिक तोचिगी तोशिगी प्रांत के सानो में अकियामा नदी में बाढ़ आने से रिहायशी क्षेत्र जलमग्न हो गए और बचाव दल स्थानीय लोगों को वहां से निकाल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार यहां 12 नदियों ने अपने किनारों को तोड़ दिया है। नागानो प्रांत में मूसलाधार बारिश से चिकुमा नदी से आसपास के इलाकों में बाढ़ आ गई है। इससे धारा में वाहन भी बह गए हैं।  

कमेंट करें
nFmWc
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।