comScore

कराची में हिंदुओं और मुसलमानों ने मिलकर मनाई दिवाली

October 28th, 2019 19:28 IST
कराची में हिंदुओं और मुसलमानों ने मिलकर मनाई दिवाली

हाईलाइट

  • कराची में हिंदुओं और मुसलमानों ने मिलकर मनाई दिवाली

डिजिटल डेस्क, कराची। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची के प्रसिद्ध श्री स्वामी नारायण मंदिर में मुस्लिम समाज के लोगों ने हिंदू समुदाय के साथ मिलकर दिवाली मनाई। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 29 अक्टूबर तक चलने वाले दिवाली उत्सव में 27 अक्टूबर को मुख्य दिवाली के दिन श्री स्वामी नारायण मंदिर को बहुत खूबसूरती से सजाया गया था। मंदिर परिसर में मिठाइयों के स्टाल लगे हुए थे और लोग एक-दूसरे को दिवाली की मुबारकबाद दे रहे थे। इनमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में थे।

रिपोर्ट में कहा गया कि सलाम और जय श्री राम कहकर एकदूसरे का अभिवादन किया जा रहा था और हैप्पी दिवाली कहने पर शुक्रिया अदा किया जा रहा था। विभिन्न सामाजिक संगठनों के मुस्लिम सदस्य विशेष रूप से व्यवस्था बनाते देखे गए। मंदिर के कस्टोडियन विजय महाराज ने कहा, यह मंदिर की सालों पुरानी परंपरा है। हिंदू और मुसलमान यहां एक साथ पवित्र अवसरों का उत्सव मनाते हैं। हिंदू परिवार, मुस्लिम परिवारों को और हिंदू व्यक्ति अपने मुस्लिम दोस्त को दिवाली, होली और नवरात्र जैसे मौकों पर आमंत्रित करता है। मुस्लिम पूरे श्रद्धाभाव से हमारे उत्सव में शरीक होते हैं। इससे हमारी खुशी बढ़ जाती है। यह हमारी परंपरा है।

उन्होंने कहा कि मंदिर सभी के लिए खुला रहता है। दिवाली जैसे मौकों पर अन्य समुदाय के लोगों को हिंदू आस्था, धर्म और संस्कृति की बेहतर जानकारी मिल जाती है। हम एक ही भूमि की संतान हैं। हममें कई बातें समान हैं। इस मौके पर मौजूद मानवाधिकार कार्यकर्ता नगमा शेख ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि समाज अपनी खुशियां और अपने गम एक साथ मिलकर मनाए, इन्हें साझा करे। तभी सभी को लगेगा कि सभी सब के हैं, कोई अकेला नहीं है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को विशेषकर इस तरह के आयोजनों में शामिल करना चाहिए ताकि वे भारतीय उपमहाद्वीप की समृद्ध संस्कृति को समझ सकें और इससे उनमें अल्पसंख्यकों के प्रति दुराग्रह व नफरत के भाव भी खत्म होंगे। वोमेन एक्शन फोरम की कुरत मिर्जा ने इस बात पर अफसोस जताया कि इस दिवाली समारोह में सरकारी अधिकारियों व राजनेताओं की उपस्थिति ना के बराबर है लेकिन इस पर खुशी जताई कि सिविल सोसाइटी ने इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

कमेंट करें
FAE9M
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।