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22,145 sq.km एरिया में फैला दुनिया का एक मात्र यहूदी देश, अरब देशों से घिरे होने के बावजूद जानिए इजराइल कैसे बना इतना शक्तिशाली?

22,145 sq.km एरिया में फैला दुनिया का एक मात्र यहूदी देश, अरब देशों से घिरे होने के बावजूद जानिए इजराइल कैसे बना इतना शक्तिशाली?

हाईलाइट

  • 22,145 sq.km एरिया में फैला इजराइल दुनिया का एक मात्र यहूदी देश है
  • लेंथ में इज़रायल तकरीबन 420 किमी और वाइडेस्ट पॉइंट पर लगभग 115 किमी है
  • इतना छोटा होने के बावजूद टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स में पूरी दुनिया को इसने पीछे छोड़ दिया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 22,145 sq.km एरिया में फैला इजराइल दुनिया का एक मात्र यहूदी देश है। भगौलिक दृष्टिकोण से ये इतना छोटा है कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में 20 इजराइल आ सकते हैं। लेंथ में इज़रायल तकरीबन 420 किमी और वाइडेस्ट पॉइंट पर लगभग 115 किमी है। देश की सीमा नॉर्थ में लेबनान, नॉर्थ ईस्ट में सीरिया, ईस्ट में जॉर्डन, साउथ वेस्ट में इजिप्ट और वेस्ट में भूमध्य सागर से लगती है। 

इजराइल की एक के बदले 10 की नीति
इतना छोटा होने के बावजूद टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स में पूरी दुनिया को इसने पीछे छोड़ दिया है। छोटी आबादी के बावजूद इजराइल ने अपने आप को इतना मजबूत कर लिया है कि ये हर चुनौती का सामना कर सकता है। इजराइल की एक नीति है। अगर आपने मेरे एक नागरिक को मारा तो मैं 10 को मारूंगा। दुश्मनों से घिरे होने के बावजूद इजराइल का नाम दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में शामिल है। इसकी वजह है उसकी सुरक्षा एजेंसी मोसाद। 

IDF arrests 4 suspects in deadly West Bank stabbing attack | The Times of Israel

म्यूनिक ओलंपिक की घटना
1972 की म्यूनिक ओलंपिक की घटना है। फिलिस्तीनी आतंकियों ने म्यूनिक में इनके 11 खिलाड़ियों को मार दिया था। इजराइल ने इसका बदला लेते हुए पहले तो दो दिन में हजारों फिलिस्तीनी आतंकियों को मार गिराया। इसके बाद पूरी दुनिया में अगले 16 साल तक एक-एक कर उन सभी लोगों को ढूंड कर मारा गया जो इन खिलाड़ियों की हत्या में शामिल थे। ये सब कुछ उनकी खुफिया एजेंसी मोसाद की वजह से संभव हो पाया। 

Israeli victims of 1972 'Munich Massacre' remembered with Olympic memorial in Germany

युगांडा में घुसकर अपने नागरिकों को बचाया
एक और घटना में 1976 में आतंकियों ने युगांडा में इजराइल के नागरिकों को बंधक बना लिया था। रातो-रात इजराइल ने युगांडा में घुसकर अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। 1967 में भी जब इजराइल और इजिप्ट की सीमा पर युद्ध शुरू हुआ था तो ये सभी अरब देशों तक फैल गया। इजराइल को मिटाने के लिए अरब देशों ने जॉर्डन में अपना बेस बनाकर अपने फाइटर जेट तैनात किए। सीमा पर मिलिट्री भी तैनात कर दी गई। 

Operation Thunderbolt,' by Saul David - The New York Times

इजराइल ने जीता जून वॉर
इससे पहले की ये देश इजराइल पर हमला करते, इजराइल ने इस बेस पर हमला कर यहां तैनात  फाइटर जेट्स को तबाह कर दिया। ये वॉर करीब 6 दिनों तक चला। जिसे जून वॉर के नाम से जाना जाता है। इजराइल ने न सिर्फ इस वॉर को जीता बल्कि कुछ एक्स्ट्रा लैंड पर भी अपना कब्जा जमा लिया।ष 1948 में इजराइल जब दुनिया के नक्शे के तौर पर एक अलग देश बना था। तब ये काफी छोटा था। लेकिन जब-जब दुश्मनों ने इस देश पर हमला किया तो उन्हें हार का सामना करना पड़ा और अपनी कुछ जमीन भी खोनी पड़ी। इजराइल धीरे-धीरे कर इसी तरह अपनी जमीन बढ़ाता चला गया।  

Six-Day War | Causes, History, & Summary | Britannica

इजराइल कैसे बना इतना मजबूत देश?
ऐसे में सवाल उठता है कि इतना छोटा होने के बावजूद इजराइल इतना मजबूत देश कैसे बना? आज मजबूरी में ही सही लेकिन अरब देशों को उसने अपने सामने घुटने टेकने के लिए कैसे मजबूर किया? दरअसल, 90 लाख की आबादी वाले इस देश में हर किसी को आर्मी की ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। पुरुषों के लिए पहले 36 महीनों की ट्रेनिंग लेना कंपलसरी थी जिसके बाद इसे घटाकर 32 महीने किया गया और फिर 30 महीने। महिलाओं के लिए भी 24 महीनों की ट्रेनिंग कंपलसरी है।

Israel Army Training Women | Female soldier, Israeli defense forces, Military girl

दुनिया का बड़ा आर्म एक्सपोर्टर है इजराइल
इसके अलावा टेक्नोलॉजी की मदद से इजराइल ने ऐसे-ऐसे आधुनिक हथियार बना लिए है जिसका उपयोग वो खुद को करता ही है साथ ही इसका एक्सपोर्ट भी किया जाता है। इजराइल का नाम दुनिया के बड़े आर्म एक्सपोटरों में आता है। तीन तरफ से दुश्मन देशों से घिरे इजराइल ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम भी तैयार किया है। इसे आयरन डोम कहा जाता है। ये एंटी मिसाइल सिस्टम इजरायल की एक ऐसी व्यूह रचना है, जो दुश्मन के खतरनाक से खतरनाक प्रहार को नाकाम कर देता है। ये हवा में ही दुश्मनों के दागे रॉकेटों को तबाह कर देता है। इस एंटी मिसाइल सिस्टम का सक्सेस रेट 90 प्रतिशत है। 

Sixty percent of global drone exports come from Israel -- new data | The Electronic Intifada

इजरायल ने अपने लोगों की सुरक्षा के लिए पूरे देश में जगह जगह पर बंकर बनाए हैं। ऑफिस, घर, मॉल, प्ले ग्राउंड, होटल हर जगह ये बंकर है। दुश्मन जब भी इस देश पर हमला करता है तो सायरन बजना शुरू हो जाते हैं और नागरिक अलर्ट होकर इन बंकरों में चले जाते हैं। इजरायल अपनी इसी तरह की प्लानिंग की वजह से इतने जियोपॉलिटिकल अनस्टेबल इनवॉयरमेंट में इतना स्टेबल है और अपने लोगों की जान बचा पाता है।

a Look Inside Israel's Bomb Shelters [PHOTOS]

मिडल ईस्ट की सिलिकॉन वैली
इकनॉमी के लिहाज से भी इजरायल एक मजबूत देश है। दुनिया के अमीर देशों की लिस्ट में इजरायल का नाम शुमार होता है। पूरी दुनिया में इजराइल, हॉन्ग कॉन्ग और दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था को सबसे स्थिर माना जाता है। ऐसा शून्य मंहगाई दर और बेरोजगारी में भारी कमी के आधार पर कहा जाता है। इसे मिडल ईस्ट की सिलिकॉन वैली कहा जाता है। वॉरेन बफे और बिल गेट्स भी कहते हैं कि इजराइल उन स्टेबल देशों में है जहां आप इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। 

Night Tel Aviv Business City Center from Birds View, Israel 4k Aerial Drone by rasika108

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।