दैनिक भास्कर हिंदी: North Korea: किम जोंग के शासन में गई चाचा और भाई की जान, जानिए अब किसे मिल सकती है नॉर्थ कोरिया की कमान?

April 23rd, 2020

हाईलाइट

  • नार्थ कोरिया में वास्तव में क्या हो रहा है, यह जानना बहुत कठिन है
  • किम जोन उन के बाद परमाणु हथियार से लैस देश का अगला शासक कौन होगा?
  • नॉर्थ कोरिया पर सात दशकों से एक ही परिवार ने शासन किया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नार्थ कोरिया में वास्तव में क्या हो रहा है, यह जानना बहुत कठिन है। लेकिन, मीडिया में चल रही खबरों को विश्वसनीय माने तो सुप्रीम लीडर किम जोंग उन सर्जरी के बाद से गंभीर स्थिति में हैं। ऐसे में ये सवाल उठता है कि किम जोंग उन के बाद परमाणु हथियार से लैस देश का अगला शासक कौन होगा?  इसको लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि नॉर्थ कोरिया की तरफ से किम जोंग उन की तबियत को लेकर अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

70 साल से एक ही परिवार की हुकूमत
नॉर्थ कोरिया पर सात दशकों से एक ही परिवार ने शासन किया है। किम जोंग उन उत्तर कोरिया पर शासन कर रहे परिवार की तीसरी पीढ़ी के शासक हैं। ऐसे में आगे भी यही संभावना है कि किम के परिवार का ही कोई शख्स शासन करें। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, साउथ कोरिया के सेजोंग इंस्टीट्यूट के एक विश्लेषक चेओंग सेओंग-चांग ने कहा कि 'किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग को सत्ता हासिल करने की संभावना 90% से अधिक है। उनके पास 'रॉयल ब्लड' है और नॉर्थ कोरिया एक राजवंश की तरह है।' हाल के वर्षों में वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित दुनिया के नेताओं के साथ हाई-प्रोफाइल बैठकों में अपने भाई के साथ दिखाई दी। ऐसा माना जाता है कि किम जोंग उन की देश और दुनिया में जो छवि है, उसे तैयार करने में उनकी बहन का काफी योगदान है। साउथ कोरिया में 2018 में विंटर ओलंपिक्स के दौरान किम यो-जोंग ने नॉर्थ कोरिया के दल का प्रतिनिधित्व किया था। 

किम यो जोंग  के अलावा और कौन दावेदार?
किम जोंग उन की छोटी बहन के अलावा अगर परिवार के अन्य सदस्यों की बात की जाए तो किम जोंग उन का एक भाई किम जोंग चोल है, जो उससे भी बड़ा है। लेकिन यह  माना जाता है कि उन्हें राजनीति या सार्वजनिक जीवन में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह स्पष्ट रूप से एक प्रतिभाशाली गिटार प्लेयर हैं और पांच साल पहले एरिक क्लैप्टन कॉन्सर्ट में उन्हें देखा गया था। किम जोंग उन के सौतेले भाई  किम जोंग नम की कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर हत्या कर दी गई थी। 13 फरवरी 2017 को मलेशियाई एयरपोर्ट पर ज़ान दी होंग और सीती आइसा नामक दो महिलाओं ने कथित तौर पर वीएक्स नर्व रसायन से हमला करके किम जोंग-नम की जान ली थी। उन्होंने अपना अधिकतर समय मकाउ, चीन और सिंगापुर की विदेशी धरती पर बिताया था। 

किम जोंग उन के चाचा को मौत की सजा
किम जोंग उन के बच्चे भी हैं लेकिन वे इतने बड़े नहीं है कि अभी सत्ता संभाल सकें। इसके अलावा उनके परिवार को उनके चाचा किम प्योंग इल हैं जिनकी उम्र 65 साल है। बताया जाता है कि दशकों से यूरोप में राजनयिक के रूप में सेवा करने के बाद वह पिछले साल नवंबर में उत्तर कोरिया लौटे हैं। उनकी भी सत्ता संभालने की संभावना नहीं है। एक और चाचा जंग सॉन्ग थाक  को किम जोंग उन ने देशद्रोह के आरोप में मौत की सजा दे दी थी। एक समय में वह देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक थे। जंग सॉन्ग थाक देश की सत्ता को हासिल करने के मजबूत दावेदार थे।

किम जोंग उन के ब्रेन डेड होने की खबर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन का कार्डियोवस्क्यूर डिजीज के कारण लंबे समय से इलाज चल रहा था। इसी बीच उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। इसे लेकर साउथ कोरिया और अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दो तरह के दावे किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी खुफिया सूत्रों के हवाले से लिखा, 'किम जोंग या तो कोमा में हैं या फिर ब्रेन डेड हो गए हैं।' वहीं साउथ कोरिया के खुफिया सूत्रों के हवाले से मीडिया ने लिखा, 'किम जोंग की हार्ट सर्जरी चल रही थी। फिलहाल उनकी गंभीर हालत के बारे में किसी को जानकारी नहीं है।' मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि किम  जोंग उन को स्मोकिंग, मोटापे और ज्यादा काम करने की वजह से कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर रखा गया था और ह्यांगसान काउंटी की एक विला में उनकी सर्जरी की गई।

किम की सेहत पर क्यों उठ रहें सवाल?
किम जोंग उन की सेहत को लेकर सवाल तब मजबूती से उठने लगे जब वह 15 अप्रैल को अपने दादा और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग की 108 वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उत्तर कोरिया में यह सबसे अहम कार्यक्रमों से एक है। 36 साल के किम जोंग उन ने 2011 के अंत में अपने पिता से सत्ता हासिल करने के बाद कभी भी इस कार्यक्रम में शामिल होना नहीं छोड़ा। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने बुधवार को किम जोंग उन की कुछ पुरानी टिप्पणियों को प्रकाशित किया, लेकिन इस दौरान किसी नई गतिविधि की रिपोर्ट नहीं दी।