दैनिक भास्कर हिंदी: पनामा पेपर्स लीक मामले से जुड़ी पत्रकार की हत्या

October 17th, 2017

डिजिटल डेस्क, माल्टा। पनामा पेपर लीक मामले से जुड़ी पत्रकार डैफ्ने कैरुआना गालिजिया की कार बम धमाके में मौत हो गई है। माल्टा में उन्हें एक शानदार खुफिया पत्रकार के तौर पर पहचाना जाता था। माल्टा में पनामा पेपर्स से जुड़े खुलासे करने वाली वह पहली पत्रकार थी। उन्होंने पनामा पेपर्स लीक होने के बाद टैक्स चोरी के लिए दूसरे देशों में पनाहगाहों से देश के द्वीपक्षीय सम्बंधों का खुलासा किया था।

पुलिस ने बताया कि डैफ्ने की गाड़ी में अचानक बम फटा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब वह उत्तरी माल्टा के बिदनिजा में कार चला रही थीं। वे अपने घर से नॉर्थ माल्टा की ओर जा रही थी। 53 वर्षीय गालिजिया एक इंडिपेंडेंट ब्लॉग चलाती थी। अपने ब्लॉग्स के जरिए वह भ्रष्टाचार के कई मामलों का खुलासा कर चुकी थीं। मौत से कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने ब्लॉग पर  भ्रष्टाचार के मामलों की धीमी जांच की आलोचना की थी।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, डेफ्ने ने दो सप्ताह पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं। डैफ्ने की मौत पर माल्टा के प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट ने भी शोक जताया है। उन्होंने कहा कि डैफ्ने की हत्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। बता दें कि डैफ्ने ने प्रधानमंत्री पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री की पत्नी पनामा की एक कंपनी की मालिक हैं और अज़रबेजान से कंपनी के बीच एक बड़ी रकम का लेन-देन हुआ है। डैफ्ने की मौत के बाद माल्टा में 3000 लोगों ने कैंडल मार्च भी निकाला है।

गौरतलब है कि साल 2016 की शुरुआत में खोजी पत्रकारों के संघ ICIJ ने पनामा पेपर्स घोटाले का खुलासा किया था। इसमें बताया गया था कि कई देश टैक्स हेवेन बने हुए हैं और तमाम देशों के राजनेता और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां यहां पैसा निवेश कर टैक्स बचाते हैं। इसमें कई देशों के प्रमुखों, दुनियाभर की राजनीतिक-फिल्मी हस्तियों, खिलाड़ियों और अपराधियों के नाम सामने आए थे। भारत से भी 500 से ज्यादा लोगों के नाम इन दस्तावेजों में सामने आए थे।