दैनिक भास्कर हिंदी: दक्षिण कोरिया के कंसर्ट में किम जोंग, ताली बजाकर की हौसला आफजाई

April 2nd, 2018

डिजिटल डेस्क, प्योंगयांग। उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग इन दिनों अन्य देशों से मधुर संबंध बनाते नजर आ रहा है। चीन यात्रा के बाद किम जोंग अब दक्षिण कोरिया के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश में हैं। किम जोंग ने रविवार को एक दक्षिण कोरियाई म्यूजिक कंसर्ट में शिरकत की। इतना ही नहीं ताली बजाकर कलाकारों की हौसलाफाजाई भी की।  दरअसल उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग रविवार को राजधानी प्योंगयांग में आयोजित एक म्यूजिक कंसर्ट शामिल हुए। इस दौरान किम जोंग ने दक्षिण कोरिया से आए कलाकारों की प्रस्तुति पर जमकर ताली बजाई। किम की नरमी को देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। वहीं दूसरी ओर किम जोंग की इस पहल को उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच नये संबंधों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। कंसर्ट के दौरान किम जोंग की पत्नी भी उनके साथ मौजूद थीं। 

पहली बार द. कोरिया के कलाकार उ. कोरिया आए 


जानकारी के मुताबिक किम जोंग ने न सिर्फ दक्षिण कोरिया के कलाकारों की प्रस्तुति पर तालियां बजाईं बल्कि स्टेज पर जाकर कलाकारों के साथ फोटो भी खिंचवाई। ऐसा पहली बार हुआ है जब दक्षिण कोरिया से कलाकार उत्तर कोरिया आएं हैं। बता दें कि उत्तर कोरिया ने भी विंटर ओलंपिक में अपने कलाकार दक्षिण कोरिया भेजे थे। 

‘स्प्रिंग इज़ कमिंग’ कंसर्ट


कई महीनों के तनाव के बाद दोनों देशों के संबंधों में नरमी देखने को मिल रही है। इस कंसर्ट का नाम स्प्रिंग इज़ कमिंग रखा गया है जो 1500 सीटों वाले ईस्ट प्योंगयांग ग्रेंड थियेटर में रविवार शाम से शुरू हुआ है। 120 सदस्यों वाले समूह ने कार्यक्रम पेश किया। ये सभी कलाकार मंगलवार को फिर से प्रस्तुति देंगे।

जल्द होने वाला है दोनों देशों के बीच सम्मेलन


गौरतलब है कि पिछले एक दशक में ऐसा पहली बार हो रहा है जब उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के नेता मिलने की तैयारी में हैं। दोनों देशों के बीच 27 अप्रैल को एक दुर्लभ अंतर- कोरियाई शिखर सम्मेलन का आयोजन होना तय हुआ है। इससे पहले 2000 और 2007 में दोनों देशों के बीच शिखर वार्ता हुई थी।

इससे पहले चीन यात्रा पर थे किम


किम जोंग अपनी पत्नी री सोल जू के साथ चार दिन की चीन यात्रा पर गए थे। जहां उन्होंने शी जिनपिंग से बीजिंग में स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में मुलाकात की थी। 2011 में सत्ता में आने के बाद ये किम की पहली विदेश यात्रा थी। किम ने जिनपिंग के साथ मुलाकात के बाद परमाणु प्रसार रोकने का संकल्प लिया। इसके बदले में चीन ने उत्तर कोरिया के साथ संबंध मजबूत करने का वादा भी किया था।