comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

आतंकवाद रोकने में नाकाम पाक बना रह सकता है ग्रे लिस्ट में

आतंकवाद रोकने में नाकाम पाक बना रह सकता है ग्रे लिस्ट में

हाईलाइट

  • FATF​ की बैठक से 10 पहले एशिया पैसेफिक ग्रुप पेश की रिर्पोट 
  • पाकिस्तान ने कहा- भारत नहीं चाहता पाक ग्रे-लिस्ट से बाहर आए
  • 13 से 18 अक्तूबर के बीच होनी है एफएटीएफ की बैठक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान की सरकार अपने देश में आतंकवाद को रोकने में नाकाम सिद्ध हुई है। वह आतंकवाद की रोकथाम के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा पाया है। ऐसे में अब पाक के ग्रे​-लिस्ट में बने रहने की संभावना और भी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार एशिया पैसेफिक ग्रुप (APG) ने मनी लॉन्डरिंग पर अपनी रिपोर्ट फाइनैन्शियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की समग्र बैठक से 10 दिन पहले रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया कि पाकिस्तान सरकार ने आतंकवाद को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1267 के तहत आतंकवादी संगठनों के ​खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

FATF की समग्र बैठक में एजीपी की रिपोर्ट के आधार पर ही पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में बने रहने पर फैसला होना है। एपीजी रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान पर यह खतरा मंडरा रहा है कि एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में बना रह सकता है। एफएटीएफ की बैठक 13 और 18 अक्तूबर के बीच होनी है, लेकिन पाकिस्तान का कहना है कि वो एफएटीएफ के सदस्यों को संतुष्ट करने में सफल होगा।

वहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा कि पाकिस्तान ने इस मामले में काफी प्रगति की है। 
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का कहना था, हिंदुस्तान तो बढ़-चढ़कर पाकिस्तान का विरोध कर रहा है। यह किसी से ढकी-छुपी बात नहीं है। वो तो पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में धकेलना चाहता है, लेकिन दुनिया जानती है और एशिया पैसिफिक ग्रुप की अभी बैंकाक में जो बैठक हुई थी उसमें उन्होंने उसका पूरा जायजा लिया है और मैं समझता हूं कि उनमें खासा इत्मीनान है कि पाकिस्तान ने इस मामले में खासा प्रोग्रेस की है।

पाक को अमेरिका से उम्मीद
वहीं पाक विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि इमरान खान के हालिया अमरीका दौरे में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात के दौरान पाकिस्तान ने एफएटीएफ के मामले में अपना नजरिया पेश किया था। कुरैशी ने उम्मीद जताई कि अमरीका पाकिस्तान का नजरिेया समझेगा और इस मामले में पाकिस्तान के साथ सहयोग करेगा। यह रिपोर्ट पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को निराश करने वाली है। संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में 27 सितंबर को बोलते हुए इमरान खान ने भारत पर आरोप लगाया था कि वो पाकिस्तान को एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में डलवाने की कोशिश कर रहा है।

तुर्की और चीन ने की पाक मदद
हाल के हफ्तों में तुर्की और मलेशिया कश्मीर पर पाकिस्तान के साथ खुलकर सामने आए हैं। एफएटीएफ के मामले में भी पाकिस्तान को तुर्की और मलेशिया से मदद मिल सकती है। जून 2018 में पाकिस्तान जब ग्रे लिस्ट में आया था तो चीन और तुर्की ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में आने से बचने में मदद की थी। आखिरकार चीन ने पाकिस्तान को लेकर अपनी आपत्ति वापस ले ली थी।

क्या है एफएटीएफ
अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ की स्थापना G7 देशों की पहल पर 1989 में की गई थी। इसका मुख्यालय पेरिस में है, जो दुनियाभर में हो रही मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए नीतियां बनाता है। साल 2001 में इसने अपनी नीतियों में चरमपंथ के वित्तपोषण को भी शामिल किया था। संस्था अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को सही रखने के लिए नीतियां बनाता है और उसे लागू करवाने की दिशा में काम करता है। इसके कुल 38 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, अमरीका, रूस, ब्रिटेन, चीन भी शामिल हैं। जून 2018 से पाकिस्तान दुनियाभर के मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाले संस्थाओं के रेडार पर है। पाकिस्तान इन संस्थाओं के निशाने पर तब आया जब उसे चरमपंथियों को फंड करने और मनी लॉन्ड्रिंग के खतरे को देखते हुए 'ग्रे लिस्ट' में डाल दिया गया था। ग्रे लिस्ट में सर्बिया, श्रीलंका, सीरिया, त्रिनिदाद, ट्यूनीशिया और यमन भी हैं।
 

कमेंट करें
lLOtR
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।