दैनिक भास्कर हिंदी: विवाद: गिलगित-बाल्टिस्तान को मौसम बुलेटिन में शामिल करने से बौखलाया पाकिस्तान, जानें क्या कहा?

May 10th, 2020

हाईलाइट

  • गिलगित-बाल्टिस्तान को IMD के बुलेटिन में शामिल करने से पाकिस्तान बौखला गया
  • भारत के इस कदम को पाकिस्तान ने यूएनएससी प्रस्तावों का उल्लंघन बताया
  • पाकिस्तान ने भारत के इस कदम को खारिज कर दिया

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद को भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अपने बुलेटिन में शामिल करने से पाकिस्तान बौखला गया है। भारत के इस कदम को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) प्रस्तावों का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर दिया है। हालांकि जब पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की बात कही थी उसी समय भारत ने दो टूक कह दिया था कि पाकिस्तान उन इलाकों पर अपना हक ना जताए, जिन पर उसने अवैध तरीकों से और जबरन कब्जा कर लिया है।

क्या कहा पाकिस्तान ने?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ने कहा, 'पिछले साल भारत की ओर से जारी किए गए तथाकथित राजनीतिक नक्शे की तरह ही यह कदम भी पूरी तरह से अवैध, वास्तविकता के विपरीत और यूएनएससी के प्रस्तावों का उल्लंघन है। यह भारत का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है। पाकिस्तान भारत के इस वेदर बुलेटिन को खारिज करता है।' भारत द्वारा कोई भी गैरकानूनी और एकतरफा कदम जम्मू-कश्मीर की 'विवादित' स्थिति को नहीं बदल सकता, जिसे संयुक्त राष्ट्र सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की मान्यता है। 

Imageमौसम बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्तान शामिल
बता दें कि देश में मौसम का पूर्वानुमान बताने वाली संस्था भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्‍मू-कश्‍मीर सब-डिविजन को अब 'जम्‍मू और कश्‍मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद' कहना शुरू कर दिया है। आईएमडी ने गुरुवार को कहा था कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर-गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्रों के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर रहा है, क्योंकि ये भारत के हिस्से हैं। 

गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव पर भारत का विरोध
इससे पहले 30 अप्रैल को पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने सरकार के आवेदन पर सुनवाई करते हुए गिलगित-बाल्टिस्तान में कार्यवाहक सरकार बनाने और प्रांतीय विधानसभा चुनाव कराने की अनुमति दी थी। इसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताते हुए कहा था कि पाकिस्तानी संस्थान के पास अवैध रूप से या जबरन कब्जे वाले क्षेत्रों में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।

मंत्रालय ने कहा था कि भारत इस तरह की कार्रवाईयों और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रों में भौतिक परिवर्तन लाने के निरंतर प्रयास को पूरी तरह से खारिज करता है। इसी दिन पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने बयान जारी करते हुए भारत के आरोपों को खारिज किया था।