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स्विस बैंक में काला धन रखने वालों पर शिकंजा, 11 भारतीयों को नोटिस


हाईलाइट

  • स्विट्जरलैंड ने साझा की स्विस बैंकों के भारतीय ग्राहकों की बैंकिंग जानकारी
  • 21 मई को 11 भारतीयों को जारी किये गये नोटिस 

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड ने उसके बैंकों में कालाधन रखने वाले भारतीयों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसकी क्रम में स्विट्जरलैंड ने उनके बैंकों में खाता रखने वाले भारतीयों के संबंध में सूचनाएं साझा करने की प्रक्रिया को तेज कर दी है। पिछले सप्ताह ही 11 भारतीयों को नोटिस दिया गया है। स्विट्जरलैंड के प्रशासन ने मार्च महीने से अब तक में स्विस बैंकों के भारतीय ग्राहकों को कम से कम 25 नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में भारत सरकार के साथ उनकी जानकारी साझा करने के खिलाफ अपील का आखिरी मौका दिया गया है।

समझौते के बाद सूचनाओं को किया जा रहा साझा
दरअसल स्विटजरलैंड उसके बैंकों में खाते रखने वाले ग्राहकों की गोपनीयता बनाए रखने को लेकर बड़े वैश्विक वित्तीय केन्द्र के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन टैक्स चोरी के मामले में वैश्विक स्तर पर समझौते के बाद अब गोपनीयता की यह दीवार नहीं रह गई है। खाताधारकों की सूचनाओं को साझा करने को लेकर भारत सरकार के साथ समझौता किया गया है। अन्य देशों के साथ भी ऐसे समझौते किये गए हैं।

दो भारतीयों का पूरा नाम लिखा गया
स्विट्जरलैंड सरकार ने गजट के द्वारा जारी सार्वजनिक की गई जानकारियों में स्विस बैंकों में खाताधारकों का पूरा नाम न बताकर सिर्फ नाम के शुरुआती अक्षर बताए गए हैं। उपभोक्ता की राष्ट्रीयता और जन्म तिथि का भी जिक्र किया गया है। गजट के अनुसार, 21 मई को 11 भारतीयों को नोटिस थमाया गया हैं। स्विस अधिकारियों ने दो भारतीयों का पूरा नाम लिखा है। उनमें मई 1949 में पैदा हुए कृष्ण भगवान रामचंद और सितंबर 1972 में पैदा हुए कल्पेश हर्षद किनारीवाला का नाम शामिल है। हालांकि इनसे संबंधित अन्य जानकारियों का खुलासा नहीं किया गया है।

अन्य नामों में जिनके शुरुआती अक्षर बताये गए हैं, उनमें 24 नवंबर 1944 को पैदा हुईं एएसबीके,  9 जुलाई 1944 को पैदा हुए एबीकेआई, 2 नवंबर 1983 को पैदा हुईं पीएएस,  22 नवंबर 1973 को पैदा हुईं आरएएस, 27 नवंबर 1944 को पैदा हुए एपीएस, 14 अगस्त 1949 को पैदा हुईं एडीएस सहित कई नाम शामिल हैं। ये नाम कौन है इस पर भारत में बेहद जिज्ञासा पैदा हो रही है।

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