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तालिबान ने रिहा किए तीन भारतीय इंजीनियर, बदले में जेल से छुड़वाए 11 सदस्य

October 08th, 2019 00:15 IST
तालिबान ने रिहा किए तीन भारतीय इंजीनियर, बदले में जेल से छुड़वाए 11 सदस्य

हाईलाइट

  • करीब एक साल तक बंधक रहे भारतीय इंजीनियरों को तालिबान ने रिहा कर दिया
  • इसके बदले में उसने जेल में बंद अपने 11 सदस्यों को छुड़वा लिया
  • इन 11 सदस्यों में आतंकी समूह के कुछ हाई-रैंकिंग अधिकारी भी शामिल है

डिजिटल डेस्क, काबुल। करीब एक साल तक बंधक रहे भारतीय इंजीनियरों को तालिबान ने रिहा कर दिया। इसके बदले में उसने जेल में बंद अपने 11 सदस्यों को छुड़वा लिया। इन 11 सदस्यों में आतंकी समूह के कुछ हाई-रैंकिंग अधिकारी भी शामिल है। कैदी की अदला-बदली रविवार को हुई, हालांकि इसके स्थान का खुलासा नहीं हुआ है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने दो तालिबान अधिकारियों के हवाले से ये जानकारी दी है। 

तालिबान के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बात करते हुए कहा कि छोड़े गए तालिबानी नेताओं में शेख अब्दुर रहीम और मावलवी अब्दुर रशीद शामिल हैं। दोनों क्रमश: कुनूर और निमरोज प्रांत के लिए तालिबान के गर्वनर के रूप में काम कर चुके हैं। 2001 में अमेरिका के नेतृत्व वाली सेनाओं ने इन्हें हटा दिया था। तालिबान के सदस्यों ने फोटो और फुटेज मुहैया कराई जिसमें उन्होंने दावा किया कि रिहा किए गए सदस्यों का स्वागत किया गया।

तालिबान के सदस्यों को अफगानिस्तान में अफगान अधिकारियों या अमेरिकी सेना ने बंधक बना रखा था इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस मामले पर अफगान या भारतीय अधिकारियों की भी कोई टिप्पणी अभी तक सामने नहीं आई है। भारत सरकार के सूत्रों का कहना है कि वे अफगानिस्तान सरकार के संपर्क में हैं क्योंकि रिहाई की रिपोर्ट उनके संज्ञान में आई है।

अफगानिस्तान के उत्तरी बाघलान प्रांत में पावर प्लांट के लिए काम करने वाले सात भारतीय इंजीनियरों का मई 2018 में अपहरण कर लिया गया था। किसी भी समूह ने उनके अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली थी। बंधकों में से को मार्च में रिहा किया गया था, लेकिन अन्य की कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी।

इनकी रिहाई तालिबान और अमेरिका के बीच जारी में बातचीत का नतीजा है। इस्लामाबाद में तालिबान और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच एक बैठक हुई जिसमें तालिबान के हिरासत में कैद तीन भारतीय इंजीनियरों की रिहाई का मुद्दा उठा था। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।