रूस-यूक्रेन युद्ध : यूक्रेन पर बम बरसाते बरसाते खुद बेहाल हुआ रूस, देश में हुई जरूरी दवाओं की भारी किल्लत, बढ़ती कीमतों के बीच कोरोना के कहर से परेशान रूसी जनता

January 25th, 2023

हाईलाइट

  • राष्ट्रपति पुतिन ने कही ये बातें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच पश्चिमी देशों के द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का असर अब रूस में दिखाई देने लगा है। वहां की दवाई दुकानों में जरूरी दवाओं की भारी किल्लत हो गई है। साथ ही दवाओं की कीमतों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। रूस में दवाओं की कमी के पीछे सबसे बड़ा कारण रूस-यूक्रेन जंग को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। दवाएं नहीं मिलने की वजह से मरीजों को भी मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ रहा है। रूस में यह संकट ऐसे वक्त में आया है जब यहां पर हजारों की संख्या में कोरोना केस आ रहे हैं। ऐसे में अब रूसी राष्ट्रपति पर दोहरी चुनौती हो गई है। मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार करते हुए कहा कि देश में कुछ जरूरी दवाओं की कमी हो गई है और कई दवाओं का अधिक उत्पादन करने के बावजूद भी कीमतें बढ़ चुकी हैं।

राष्ट्रपति पुतिन ने कही ये बातें

रॉयटर्स के मुताबिक, इस वक्त रूस के दवा उद्योग के आंकड़े भी इस बात की पुष्टि कर रहे है कि युद्ध और अन्य प्रतिबंधों की वजह से दवाओं की सप्लाई में बाधा आई  है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अधिकारियों के साथ एक टेलीविजन बैठक के दौरान कहा कि, 'यह सही है कि देश में कुछ दवाओं की किल्लत हुई है। लेकिन हमनें साल 2022 की पहली तीनों तिमाहियों में फार्मास्युटिकल उत्पादों के उत्पादन में लगभाग 22 फीसदी की वृद्धि देखी है।' पुतिन ने कहा कि 'बाजार में 60 फीसदी से अधिक दवाएं घरेलू हैं। फिर भी कुछ जरूरी दवाओं की किल्लत हुई है और कीमतें भी बढ़ी है।'

दवाओं को स्टॉक करने से बढ़ी परेशानी

जब पिछले साल फरवरी माह में रूस और यूक्रेन का जंग शूरू हुआ था, तब रूसी नागरिकों ने दवाईयों को स्टॉक करना शूरू कर दिया था। लोगों ने केवल दो सप्ताह में एक महीने की दवा खरीद ली थी। जानकारी के मुताबिक, रूस यूरोप के देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका से पेसमेकर, रेडियोथेरेपी उपकरण समेत अन्य चिकित्सा उपकरणों को आयात करता है। लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से इन सभी चीजों के सप्लाई में दिक्कत आई है।  


 

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