दैनिक भास्कर हिंदी: एच-4 वीजा नियम बदलने जा रहा ट्रंप प्रशासन, 70,000 से ज्यादा भारतीयों पर पड़ेगा असर

October 19th, 2018

हाईलाइट

  • ओबामा-युग के एच-4 वीजा नियम को ट्रंप प्रशासन खत्म करने जा रही है।
  • अगर ये नियम खत्म होता है तो फिर इसका असर 70,000 से ज्यादा भारतीयों पर पड़ेगा जो अमेरिका में काम करते हैं।
  • ये नियम एच-4 वीजा धारकों को वर्क परमिट प्रदान करता है- जो एच-1 बी वीजा रखने वाले पेशेवरों के पति या पत्नी हैं।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। ओबामा-युग के एच-4 वीजा नियम को ट्रंप प्रशासन खत्म करने जा रही है। अगर ये नियम खत्म होता है तो फिर इसका असर 70,000 से ज्यादा भारतीयों पर पड़ेगा जो अमेरिका में काम करते हैं। ये नियम एच-4 वीजा धारकों को वर्क परमिट प्रदान करता है- जो एच-1 बी वीजा रखने वाले पेशेवरों के पति या पत्नी हैं। एच-4 वीजा धारकों को ओबामा प्रशासन ने 2015 में वर्क परमिट जारी करने का विशेष आदेश पारित किया था।

होमलैंड सिक्यॉरिटी डिपार्टमेंट (DHS) ने बुधवार को जारी अपने यूनिफाइड फॉल एजेंडा में कहा कि उनका मानना है कि एच-4 वीजा के तहत वर्क परमिट के नियमों को खत्म करने से अमेरिकी मजदूरों को बड़े पैमाने पर फायदा होगा और उन्‍हें रोजगार मिलेगा। DHS ने कहा कि प्रस्तावित नियम अब एच -4 श्रमिकों को श्रम बाजार में प्रवेश करने की इजाजत नहीं देगा।

DHS, जो इस साल आवश्यक अधिसूचना जारी करने में तीन बार देरी कर चुकी है, ने अपने एजेंडे में कहा कि यह एच -4 आश्रित पति को काम प्राधिकरण प्राप्त करने से हटाने का तरीका है। "कुछ अमेरिकी श्रमिकों को इस प्रस्तावित नियम से फायदा होगा, उन्हें नौकरियां प्राप्त करने का बेहतर मौका मिलेगा। यह एच-4 वीजाधारकों को काम करने के अधिकार से वंचित करने का उनका अपना तरीका है।

25 दिसंबर, 2017 तक, अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सर्विसेज ने एच -4 वीज़ा धारकों की ओर से रोजगार के अवसर प्रदान करने की मांग वाले 1 लाख 26 हजार 853 आवेदनों को स्वीकृति दी थी। इसमें मई 2015 के बाद से दी गईं सारी स्वीकृतियां शामिल हैं। इसमें 90 हजार 946 अप्रूवल्स, 35 हजार 219 रेनुअल्स, और खोए हुए कार्ड्स के 688 रीप्लेसमेंट के आवेदन शामिल हैं।

इससे पहले, दो डेमोक्रेटिक महिला सीनेटर- कमला हैरिस और कर्स्टन गिलब्रैंड ने ट्रम्प प्रशासन से आग्रह किया था कि वे एच -4 वीज़ा धारकों के लिए वर्क परमिट रद्द करने के अपने फैसले की दिशा में आगे नहीं बढ़ें, क्योंकि इस तरह के कदम से करीब 1,00,000 महिलाएं प्रभावित होंगी। "महिलाओं को रोजगार में शामिल होने से रोकना अलगाव, अवसाद, चिंता, अपराध की भावनाओं और आत्म-मूल्य की हानि का कारण बन सकता है। काम करने की पत्नी की क्षमता को खत्म करने से उसे और उसके बच्चे के पूरी तरह से अपने पति/पत्नी पर निर्भर रहना पड़ेगा।