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ट्रंप का चुनावी गतिरोध शर्मिदगी, बढ़ सकता है मौतों का आंकड़ा : बाइडेन

November 17th, 2020 10:00 IST
 ट्रंप का चुनावी गतिरोध शर्मिदगी, बढ़ सकता है मौतों का आंकड़ा : बाइडेन

हाईलाइट

  • ट्रंप का चुनावी गतिरोध शर्मिदगी, बढ़ सकता है मौतों का आंकड़ा : बाइडेन

न्यूयॉर्क, 17 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन के बीच चुनावी नतीजों को लेकर गतिरोध जारी है। डेमोक्रेट नेता ने इसे एक अंतर्राष्ट्रीय शर्मिदगी बताया है और कहा कि ट्रांजिशन टीम के साथ सहयोग करने में प्रशासन की विफलता से कोरोनावायरस महामारी के कारण और अधिक लोगों की मौत हो सकती है।

बाइडन ने ट्रंप द्वारा हार स्वीकार करने में आनाकानी पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि उनके द्वारा प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने की मेरी क्षमता कमजोर करने की तुलना में यह देश के लिए अधिक शर्मनाक है। गौरतलब है कि ट्रंप पहले तो अपनी हार स्वीकार करते मालूम पड़े लेकिन फिर पलट गए।

बाइडन निर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ बिजनेस प्रमुखों से मुलाकात करने के बाद डेलावेयर के विलमिंगटन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। इन प्रमुखों में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला और गैप की सोनिया सिनगल और उनकी आर्थिक योजना के लेबर नेता शामिल थे।

रिपब्लिकन से अपील करते हुए उन्होंने कहा, मैं आपके साथ काम करूंगा। जिस तरह से राष्ट्रपति के काम करने के तौर-तरीके हैं, उसे देखते हुए मैं आपकी अनिच्छा को समझ सकता हूं।

ट्रंप ने रविवार की सुबह ट्वीट किया था, वह (बाइडन)जीत गए क्योंकि चुनाव में धांधली हुई थी।

लेकिन मध्यरात्रि के ठीक पहले उन्होंने ट्वीट किया, मैं जीता।

बाइडन ने कहा कि इससे पता चलता है कि उनके रंग-ढंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

उन्होंने कोरोना संकट पर ट्रंप की प्रतिक्रिया का मजाक उड़ाते हुए कहा, राष्ट्रपति अभी भी गोल्फ खेल रहे हैं और इसके बारे में कुछ भी नहीं करना मेरी समझ से परे है।

बाइडन ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप कोविड-19 रणनीति और वैक्सीन योजनाओं पर ट्रांजिशन टीम के साथ सहयोग नहीं करते हैं तो महामारी फैलने से और अधिक अधिक लोग मर सकते हैं।

फार्मास्युटिकल कंपनी मॉडर्ना ने सोमवार को घोषणा की कि उसका टीका 94.5 प्रतिशत तक कारगर है और फाइजर ने पिछले सप्ताह कहा था कि उसका टीका 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी है।

वीएवी-एसकेपी

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।