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CAA: यूरोपीय संसद में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, वोटिंग मार्च तक टली


हाईलाइट

  • सीएए के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर वोटिंग टली
  • प्रस्ताव पर अब मार्च में होगी वोटिंग

डिजिटल डेस्क, लंदन। यूरोपियन ससंद में भारत के नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ होने वाली वोटिंग टल गई है। अब मतदान मार्च महीने में होगा। यह भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। हालांकि सीएए पर बहस जारी रहेगी। 

भारत सरकार के सूत्रों का कहना है कि सीएए भारत का आंतरिक मामला है। इसे लोकतांत्रिक तरीके से देश में लागू किया गया है। भारत सरकार का कहना है कि हम उम्मीद करते हैं कि यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्य सीएए पर भारत की बात समझेंगे। वोटिंग टलने के जवाब में सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत के दोस्त यूरोपीय संसद में पाकिस्तान के दोस्त पर हावी रहे। 

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वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सीएए के खिलाफ यूरोपीय संसद में प्रस्ताव पेश होने पर विरोध किया था। बिरला ने कहा था कि किसी विधायिका द्वारा किसी अन्य विधायिका पर फैसला सुनाना गलत है। इसका कुछ लोग अनुचित उपयोग कर सकते हैं। सीएए के खिलाफ यूपोपीय संसद में चर्चा और मतदान पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी आपत्ति जताई थी

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बता दें कि यूरोपीय संसद सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाया है। संसद के 154 सांसदों ने प्रस्ताव में कहा है कि सीएए के कारण नागरिकता पर बड़ा संकट पैदा हो जाएगा। लोगों को इसका दंश झेलना पड़ेगा। यूरोपियन पार्लियामेंट में कुल 751 सांसद है। 


 

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