comScore

हम चीजों को अलग तरीके से कर सकते थे: बॉरिस जॉनसन

July 25th, 2020 12:00 IST
 हम चीजों को अलग तरीके से कर सकते थे: बॉरिस जॉनसन

हाईलाइट

  • हम चीजों को अलग तरीके से कर सकते थे: बॉरिस जॉनसन

लंदन, 25 जुलाई (आईएएनएस)। बोरिस जॉनसन ने स्वीकार किया है कि ब्रिटेन में कोरोनावायलस के प्रकोप के पहले कुछ हफ्तों और महीनों के दौरान सरकार ने संक्रमण की गंभीरता को नहीं समझा।

बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन बहुत देर लागू होने के लेकर बहुत सारे प्रश्न थे।

जॉनसन ने महामारी से मिले सबक के बारे में भी कहा और साथ ही यह भी कहा कि मंत्री कुछ चीजें अलग तरीके से कर सकते थे।

ब्रिटेन में 300,000 मामले सामने आ चुके हैं और करीब 45,000 से अधिक लोगों की जान कोरोनोवायरस के कारण हो चुकी है।

इससे पहले प्रधानमंत्री कह रहे थे कि उन्होंने सही समय पर सही निर्णय लिया। वहीं लिए गए फैसले वैज्ञानिकों की सलाह पर आधारित है।

लेकिन, डाउनिंग स्ट्रीट में अपनी प्रवेश की पहली वर्षगांठ के मौके पर बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, हम इसे (वायरस) पहले कुछ हफ्तों और महीनों में सही तरीके से समझ नहीं पाए थे।

उन्होंने आगे कहा, और मुझे लगता है, शायद एक चीज जिसे हमने शुरुआत में नहीं देखा था, वह यह कि किस तरह यह वायरस बिना संक्रमण के लक्षण वाले लोगों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच रहा था।

उन्होंने आगे कहा, मुझे लगता है कि यह कहना उचित होगा कि हमने इसे शुरुआती दौर में कैसे संभाला, इसे जानना जरूरी है.. जो भी हुआ उससे सबक सीखने के लिए काफी अवसर होंगे।

ब्रिटेन में मार्च के अंत में पूर्ण लॉकडाउन लागू किया गया, जिसे लेकर आलोचकों का कहना था कि बहुत देर होने के कारण कई लोगों की जान चली गई।

जॉनसन ने कहा, शायद ऐसी चीजें थीं जो हम अलग तरह से कर सकते थे और निश्चित रूप से यह समझने के लिए भी समय होगा कि हमने वास्तव में क्या किया है और अलग तरीके से क्या कर सकते थे।

सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि इंग्लैंड में 3 करोड़ लोगों को इस साल फ्लू का टीका लगाया जाएगा, ताकि शरद ऋतु और सर्दियों के दौरान कोरोनोवायरस संक्रमण में वृद्धि के मामले में एनएचएस पर दबाव कम हो सके।

जॉनसन ने कहा, हम उन सभी लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी गवां दी और हमारी संवेदना उनके परिवारों के साथ हैं। और सरकार ने जो कुछ भी किया उसकी पूरी जिम्मेदारी मैं लेता हूं।

कमेंट करें
pern4
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।