रूस-यूक्रेन युद्ध : अमेरिका के 'मदर ऑफ ऑल बम' के जवाब में रूस ने तैयार किया 'फादर ऑफ ऑल बम', अब यूक्रेन पर इसी बम से हमले की तैयारी में है रूस?

February 28th, 2022

हाईलाइट

  • सबसे छोटे परमाणु हथियारों में भी पूरे शहरों को नष्ट करने की ताकत होती है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को रूसी परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश देकर पूर्व-पश्चिम देशों की और टेंशन बढ़ा दी है। नाटो द्वारा लगाए जा रहे कड़े प्रतिबंधों के बाद पुतिन ने परमाणु हथियारों को स्टैंड-बाई पर रखने को कहा। यह आशंका जताई जा रही कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत से सुलह नहीं होती है तो रूस यूक्रेन पर परमाणु हथियार इस्तेमाल कर सकता है और परमाणु हमला कितना खतरनाक होता है, इसका अंदाजा आप हिरोशिमा और नागासाकी से लगा सकते हैं। 

यहां तक ​​कि सबसे छोटे परमाणु हथियारों में भी पूरे शहरों को नष्ट करने की ताकत होती है।

कितने तरह के होते हैं परमाणु बम

परमाणु हथियार दो प्रकार के होते हैं, जिन्हें उनके कार्य और विनाशकारी शक्ति के आधार पर दो केटेगरी में बांटा गया है-  

परमाणु बम : एक परमाणु बम कम शक्तिशाली होता है और विनाशकारी ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए यूरेनियम -235 या प्लूटोनियम -239 परमाणुओं का उपयोग करता है। 

हाइड्रोजन बम : हाइड्रोजन बम एक थर्मोन्यूक्लियर हथियार है जो फिजन और फ्यूजन दोनों परमाणु प्रतिक्रियाओं का उपयोग करता है। इसमें दो कोर होते हैं और दूसरा ट्रिटियम या ड्यूटेरियम जैसे हाइड्रोजन आइसोटोप से बना होता है जो और भी बड़ा विस्फोट करता है।

कहां तक प्रभावित करता है परमाणु बम 

परमाणु विस्फोट का ग्राउंड जीरो क्षेत्र एक मशरूम क्लाउड में बदल जाता है। एक मशरूम क्लाउड तब बनता है जब एक परमाणु विस्फोट में खतरनाक गैस निकलती है। पहले 9 किमी के दायरे में रहने वालों को सबसे ज्यादा रेडिएशन का सामना करना पड़ता है। 

70 किमी तक के लोगों को थर्ड-डिग्री बर्न होने की संभावना होती है। विस्फोट के 224 किमी की दूरी में, खिड़कियाँ टूट जाती है। 

रूस के पास कौन-सा परमाणु हथियार 

आर-पार की इस लड़ाई के बीच अब रूस दुनिया का सबसे घातक परमाणु हथ‍ियार ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्‍ब’ (Father of all bomb) का इस्‍तेमाल कर सकता है, जिसे थर्मोबेरिक बम (Thermobaric Bomb) भी कहा जाता है। 

क्या है थर्मोबेरिक बम?

थर्मोबेरिक बम दुनिया का सबसे खतरनाक परमाणु हथियार माना जाता है। रूस ने इसे 2007 में विकसित किया था। 7100 किलो वजन वाला यह बम बहुत ही ज्यादा विध्वंसक है। इस्‍तेमाल करने पर यह रास्‍ते में आने वाली बिल्डिंग और इंसानों को तबाह कर देता है। इसे एयरोसॉल और वैक्‍यूम बम भी कहते है। रूस ने इस वैक्‍यूम बम का इस्‍तेमाल 2016 में सीरिया पर किया था। यह 44 टन TNT की ताकत वाला धमाका कर सकता है। 

इस वैक्‍यूम बम की एक और खासियत है कि यह ऑक्‍सीजन को सोखकर बड़ा धमाका करता है। ऐसे धमाकों के कारण इसमें से अल्‍ट्रासोनिक शॉकवेव निकलती हैं, जो अधिक तबाही लाती हैं। 

रूस ने अमेरिका से मुकाबले के लिए तैयार किया था बम 

इस खतरनाक बम को तैयार करने के पीछे अमेरिका का सबसे बड़ा हाथ है। अमेरिका ने 2003 में ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब’ (Mother of all bomb) तैयार किया था, जिसका नाम GBU-43/B है। यह 11 टन TNT की ताकत वाला धमाका कर सकता है, जबकि रूसी बम 44 टन TNT की ताकत के साथ धमाका करने में सक्षम है। अमेरिका में तैयार हुए बम के जवाब में रूस ने ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब’ तैयार किया था।