G7 Summit: होर्मुज में भारतीयों की मौत, ग्लोबल कनेक्टिविटी, पार्टनरशिप पर फोकस, समिट में PM मोदी ने रखा भारत का रुख, अब दूसरे सेशन पर नजर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्रांस की मेजबानी में एवियन में 52वें G7 समिट जारी हैं। इस समिट में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे हैं। इस सेशन का विषय 'सभी के हित में संतुलित, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को फिर से गति देना' पर आधारित था।
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मध्य-पूर्व संकट पर पीएम मोदी ने रखी अपनी बात
जी7 समिट के पहले दिन आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नागिरकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा था कि मध्य पूर्व में महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में से एक होर्मुज में जंग शुरू होने के बाद कई भारतीयों की मौत हो चुकी है। ऐसे में वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा निर्धारित करना सभी देशों का दायित्व है।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि होर्मुज से पनपे संकट और समुद्री व्यापार में आई रुकावट का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। इस दौरान सेशन में पीएम मोदी के पास बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे।
वहीं, व्हाइट हाउस ने ट्रंप और मोदी के बीच बुधवार शाम को द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना जताई है। बैठक में दोनों देशों के नेता भारत-अमेरिका ट्रेड डील, निवेश समेत रणनीतिक साझेदारी से अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
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पीएम मोदी ने इन 5 मुद्दों पर दी स्पीच
1. जी7 समिट में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दुनिया की कनेक्टिविटी, ट्रस्ट और पार्टनरशिप के महत्व पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई है। लेकिन, पार्टनरशिप के सफल होने के लिए भरोसे का होना जरूरी है।
2. पीएम मोदी ने कहा कि आपसी भरोसा सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति है। अफसोस की बात यह है कि आज दुनिया में की नहीं, बल्कि भरोसे की कमी है। हमारी पार्टनरशिप का भविष्य इसी भरोसे को फिर से कायम करने पर निर्भर करता है।
3. पीएम ने कहा कि भारत में हम दुनिया को परिवार मानते हैं। हमारा अनुभव बताता है कि विकास तभी असरदार होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यह सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप पर निर्भर भी है।
4. उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि पार्टनरशिप की असली परीक्षा यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं। बल्कि यह है कि हम दूसरों को अपने लिए कुछ बनाने में कैसे सक्षम बनाते हैं।
5. इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ को दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं। उसे केवल समर्थन नहीं, बल्कि पार्टनरशिप चाहिए। हमें लेन-देन वाली सेच से आगे बढ़कर समान पार्टनर के रूप में काम करना चाहिए।
Created On :   17 Jun 2026 4:50 PM IST













