लक्ज़री से ‘क्वाइट लक्ज़री’ तक: अब दिखावे नहीं, सादगी में है असली क्लास

अब दिखावे नहीं, सादगी में है असली क्लास
इंटीरियर डिज़ाइनर स्मिता निगम बता रही हैं बदलते घरों की नई सोच

आज के समय में घर की परिभाषा तेजी से बदल रही है। पहले जहां लक्ज़री का मतलब महंगे फर्नीचर, भारी सजावट और भरे हुए स्पेस से लगाया जाता था, वहीं अब ट्रेंड पूरी तरह बदल चुका है। अब लोग दिखावे से दूर जाकर ऐसे घर चाहते हैं जो सुकून दें, व्यवस्थित हों और लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहें।

इसी सोच के साथ इंटीरियर डिज़ाइन की दुनिया में एक नया ट्रेंड तेजी से उभर रहा है — ‘क्वाइट लक्ज़री’।

इंटीरियर डिज़ाइनर स्मिता निगम के अनुसार, आज की लक्ज़री वह है जो शोर न करे, लेकिन अपनी मौजूदगी महसूस कराए।

कम चीज़ें, लेकिन प्रभावशाली मौजूदगी (Less Pieces, More Presence) क्वाइट लक्ज़री का सबसे अहम सिद्धांत है — कम चीज़ों में भी गहराई और प्रभाव।

अब घरों को भरने की बजाय, सोच-समझकर कुछ चुनिंदा एलिमेंट्स को जगह दी जाती है।

स्मिता निगम बताती हैं कि एक अच्छी क्वालिटी का सोफा, एक स्टेटमेंट लाइट या एक खास आर्ट पीस पूरे कमरे की पहचान बन सकता है।

इस अप्रोच से स्पेस खुला, संतुलित और क्लासी लगता है।

मटेरियल-आधारित डिज़ाइन की बढ़ती अहमियत (Material-Led Design)

आज के इंटीरियर में दिखावे से ज्यादा मटेरियल की क्वालिटी मायने रखती है।

वुड, मार्बल, स्टोन, लिनेन और मेटल जैसे नैचुरल और प्रीमियम मटेरियल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

स्मिता निगम के अनुसार, “जब मटेरियल सही हो, तो ज्यादा सजावट की जरूरत नहीं पड़ती। टेक्सचर ही डिजाइन को खास बना देता है।”

यही कारण है कि मटेरियल-आधारित डिज़ाइन आज के मॉडर्न होम्स की पहचान बन रहा है।

न्यूट्रल लेयर्ड पैलेट: सादगी में गहराई (Neutral Layered Palette)

क्वाइट लक्ज़री में रंगों का चुनाव बहुत सोच-समझकर किया जाता है।

तेज और चटकीले रंगों की जगह अब बेज, क्रीम, ऑफ-व्हाइट, ग्रे और अर्थी टोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

लेकिन यह सादगी एक जैसी नहीं होती — इसमें लेयरिंग का अहम रोल होता है।

अलग-अलग टेक्सचर और शेड्स को मिलाकर ऐसा माहौल तैयार किया जाता है जो देखने में शांत और महसूस करने में बेहद समृद्ध लगता है।

इनविज़िबल स्टोरेज: सादगी के पीछे की स्मार्ट प्लानिंग आज के घरों में स्टोरेज दिखता नहीं, लेकिन हर जगह मौजूद होता है।

इसे कहा जाता है — इनविज़िबल स्टोरेज

स्मिता निगम बताती हैं कि हिडन कैबिनेट्स, वॉल पैनल स्टोरेज और मल्टी-फंक्शनल फर्नीचर की मदद से घर को क्लटर-फ्री रखा जा सकता है।

इससे घर साफ-सुथरा दिखता है और सादगी बनी रहती है।

क्यों बढ़ रहा है ‘क्वाइट लक्ज़री’ का ट्रेंड

आज का व्यक्ति सिर्फ खूबसूरत घर नहीं चाहता, बल्कि ऐसा स्पेस चाहता है जो उसकी लाइफस्टाइल को सपोर्ट करे।

वर्क-फ्रॉम-होम, बढ़ता स्ट्रेस और सीमित स्पेस ने लोगों को सादगी और संतुलन की ओर मोड़ा है।

क्वाइट लक्ज़री उसी बदलाव का नतीजा है — जहां हर चीज़ का एक उद्देश्य होता है और हर डिजाइन सोच-समझकर किया जाता है।

सादगी ही असली क्लास

इंटीरियर डिज़ाइनर स्मिता निगम का मानना है कि आने वाले समय में वही घर सबसे ज्यादा पसंद किए जाएंगे जो दिखावे से दूर और अनुभव में समृद्ध होंगे।

अब लक्ज़री का मतलब सिर्फ महंगा होना नहीं है, बल्कि ऐसा होना है जो लंबे समय तक अच्छा लगे, उपयोगी हो और मन को शांति दे।

क्वाइट लक्ज़री यही सिखाती है — कम में भी बहुत कुछ हो सकता है, अगर डिजाइन सोच-समझकरकिया जाए।

Created On :   1 April 2026 1:14 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story