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हेल्दी रहने के लिए खाने के बाद न करें ये गलतियां

February 01st, 2019 15:09 IST
हेल्दी रहने के लिए खाने के बाद न करें ये गलतियां

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वैसे तो ज्यादातर लोग खाना स्वाद के​ लिए खाते हैं और स्वाद के चलते वे कभी कभी गलत फूड हैबिट का शिकार भी हो जाते हैं, जो स्वास्थ पर बुरा प्रभाव डालती है। कई बार हम हेल्दी डाइट लेने के बाद भी ऐसी गलतियां कर जाते हैं जो हमारे लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए बेहतर है कि हेल्दी रहने के लिए हम कुछ चीजों को अवॉइड करें। 

खाने के बाद वर्कआउट को करें इग्नोर
खाना खाने के तुरंत बाद आपको फिजीकल एक्टिविटी नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो इसका सीधा असर आपके डाइजेशन सिस्टम पर पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि खाने के बाद फिजीकल एक्टिविटी करने से ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है। जिससे पेट में सूजन, लूज मोशन, उल्टी की समस्या भी हो सकती है।

खाने के बाद पेट को आराम देने से बचें
कई बार ज्यादा खाने के बाद हम बिस्तर पर लेट जाते हैं या फिर अपने पैंट की बटन को थोड़ा ढीला कर लेते हैं। ताकि पेट को आराम मिल सके। लेकिन ऐसा करने से बचना चाहिए क्योंकि ये पेट में चल रही प्रक्रिया को प्रभावित करता है। जिससे कई बार ​पेट के निचले हिस्से में दर्द की संभावना बन जाती है।

तुरंत न पिएं ठंडा पानी
पानी की उचित मात्रा हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। खाना पचाने के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी बहुत जरूरी होता है। लेकिन खाने के तुरंत बाद यदि आप ठंडा पानी पीते हैं तो इससे आपकी डायजेशन प्रकिया धीमी हो सकती है। डॉक्टर्स के अनुसार हमें खाना खाने के 45 मिनट बाद पानी पीना चाहिए। वह भी गुनगुना या रूम टेम्परेचर वाला पानी, इससे शरीर को नुकसान नहीं होगा। 

खाने के बाद चाय को करें ना
अक्सर लोग खाना खाने के बाद चाय जरूर पीते हैं। क्योंकि उनका मानना है कि चाय के बिना खाना कम्पलीट नहीं होता। इस बात को लेकर भी हमेशा बहस होती रहती है कि खाना खाने के तुरंत बाद चाय पीना स​ही या गलत। एक्सपटर्स के अनुसार खाने के बाद दूध वाली चाय पीना गलत होता है क्योंकि यह बॉडी में आयरन के अवशोषण में रूकावट डालता है। वहीं ग्रीन टी या हर्बल टी, खाने के बाद पीने से गैस की समस्या नहीं होती है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।