दैनिक भास्कर हिंदी: वर्ल्ड म्यूजिक डे: योग और संगीत में कनेक्शन

August 30th, 2018

टीम डिजिटल,भोपाल. आज विश्व योगा दिवस के साथ ही वर्ल्ड म्यूजिक डे भी है. संगीत दिवस 1982 से मनाया जाता रहा हैं. इन दोनो में केवल तारीखों का ही कनेक्शन नहीं बल्कि इन दोनों के बीच एक ऐसा नाता है जो इन्हें हमसे गहराई से जोड़ता हैं. योग और संगीत को मन की शांति और अध्यात्म के लिए जरूरी माना गया हैं.

मेडिटेशन और संगीत दोनो ही खुद को केंद्रित करने और दिनभर की थकान को दूर करने के लिए दवा के मान हैं. म्यूजिक, मेडिटेशन का अहम हिस्सा है, जो आपके मन-मस्तिष्क को शांत और शुद्ध करने में मदद करता है.

संगीत और योग दोनों ही हमारे लिए एक थेरेपी जैसे हैं. जैसे प्राणायाम के अभ्यास में एक-एक श्वास एक लय में लेते हैं, जो आपके मन को शांत करती हैं. ठीक उसी तरह संगीत की ध्वनियां भी आपके कानों से होती हुई मस्तिष्क में पहुंच कर आपको मानसिक शांति देती हैं. संगीत के साथ योग कर आप एक अलग अनुभव करेंगें.

कैसे करें सगीत के साथ योग

  • सबसे पहले एक शांत जगह ढूंढें, जहां बैठकर आप मेडिटेशन कर सकते हैं.
  • ध्यान करते वक्त अपनी शारीरिक मुद्रा सही रखें, आंखें बंद करें और अपना कंधा और गर्दन को रिलैक्स रखें
  • अब कमरे में सूदिंग यानी शांति देने वाला म्यूजिक प्ले करें.
  • म्यूजिक सुनने के लिए हेडफोन का इस्तेमाल करें. इससे आपको ऐसी फीलिंग आएगी जैसे संगीत आपके मस्तिष्क के अंदर से निकल रहा है और आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी.
  • अगर आपको ऐसे म्यूजिक से परेशानी है जिसमें लिरिक्स हों तो आप ऐसे म्यूजिक का चुनाव कर सकते हैं. जिसमें लिरिक्स ना हों. जैसे- इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक, मेडिटेशन बेल्स या नेचर साउंड.
    अनुसंधान में पता चला है कि संगीत सुनते वक्त आप जिस आनंद का अनुभव करते हैं. उससे आपकी मानसिक स्थिति बेहतर होती है और मेडिटेशन के दौरान आपको काफी मदद मिलती है.