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जेल में बाहर से आए बंदियों को किया गया आइसोलेट

जेल में बाहर से आए बंदियों को किया गया आइसोलेट


डिजिटल डेस्क जबलपुर।  कोरोना वायरस से बचाव के लिए जो भी विचाराधीन बंदी रोज जेल में आ रहे हैं उनको अब अलग रखा जा रहा है। इन बंदियों की संख्या 25 से  30 के बीच में है। इन बंदियों को अलग बैरक में रखकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है ताकि कोरोना से संक्रमित व्यक्ति की पहचान की जा सके। इन बंदियों के लिए 6 खाली बैरकों का इस्तमाल किया जा रहा है ताकि अन्य बंदियों को संक्रमण से बचाया जा सके। बंदियों को दूसरे बैरकों में शिफ्ट तभी किया जा रहा है जब उनको स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट घोषित न कर दिया जाए। जेल में प्रवेश के पहले ही एक वॉश बेसिन लगा दिया गया है और साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोकर ही कर्मचारियों एवं बंदियों को प्रवेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य कैदियों का रूटीन  चैकअप भी किया जा रहा है। जहाँ पर मास्क बन रहे हैं वहाँ का पूरा क्षेत्र दवा छिड़काव कर सेनिटाइज किया गया है।
इम्यून सिस्टम बढ़ाने दवा बाँटी- जेल में बंदियों को इम्यून सिस्टम बढ़ाने के िलए होम्योपैथिक दवा भी बाँटी गई। जेल अधीक्षक गोपाल ताम्रकार के निर्देश पर बंदियों को दवा दी गई ताकि उन्हे संक्रमण न फैले। इस शिविर में अनुश्री कॉलेज के  डॉ. अनिरुद्ध विश्नोई, डॉ. के सी विस्वाल, डॉ. विकास शुक्ला, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. शबनम बानो आदि ने बंदियों को दवा दी।   
ट्टमुलाकात बंद - जेल में बंद लोगों से मुुलाकात पूरी तरह से रोक दी गई है। पहले मुलाकात काँच के दूसरी तरफ से कराई जा रही थी लेकिन 31 मार्च तक के लिए अब बंद कर दी गई है। बाद में स्थिति देखकर ही निर्णय लिया जाएगा।
गोपाल ताम्रकार,
जेल अधीक्षक

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