दैनिक भास्कर हिंदी: अकेलापन बन सकता है मौत की वजह 

September 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हम लोग एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहां तकनीक की वजह से हम दूसरे देशों में भी बसे हमारे अपनों से बात कर सकते हैं। सोशल नेटवर्किंग साइट्स की मदद से हम जब भी चाहे जिससे भी कॉन्टेक्ट कर सकते हैं। मगर फिर भी कहीं ना कहीं लोग अपने आप को अकेला महसूस करते हैं। हाल में हुए एक अध्ययन के अनुसार जो लोग अकेलेपन का शिकार होते हैं वो लोग दिल की बीमारियों से ज्यादा परेशान रहते हैं।

अकेलापन इंसान को धीरे-धीरे मारता है

इस अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग अकेलेपन में जीते हैं उन लोगों में दिल की बीमारियों से मरने का खतरा दोगुना हो जाता है। अध्ययन में ये भी सामने आया है कि पुरुषों और महिलाओं के अकेले रहने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन बात अकेलेपन की है जो कि कई बार अपनों के बीच रहने से भी हो जाता है। आदमी के अंदर का यही अकेलापन उसकी मौत का कारण बन जाता है। 

इस वजह से खतरा तीन गुना ज्यादा होता है

दरअसल अकेलापन एक इंसान को कई बुरी आदतों में धकेल देता है। जिस वजह से वो डिप्रेशन और ऐंगजाइटी का शिकार हो जाता है। अकेला महसूस करने वाले पुरुष और महिलाओं में हृदय रोग का खतरा तीन गुना ज्यादा रहता है। एक नार्मल जिंदगी जीने वालो में ये खतरा कम होता है।

आपको हो सकती है इतनी सारी बीमारियां

डेनमार्क के कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी अस्पताल ‘द हार्ट सेंटर’ के चिकित्सक एनी विंगगार्ड क्रिस्टेंसन के मुताबिक, "पहले के मुकाबले आज के दौर में अकेलापन ज्यादा बढ़ गया है। आज कल लोग ज्यादातर अकेले ही रहते हैं।" अकेलेपन की वजह से कोरोनरी हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। 

समय से पहले हो सकती है इंसान की मौत

अकेलेपन की वजह से समय से पहले मौत, खराब मानसिक स्वास्थ्य और कार्डियोवैस्कुलर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इतना ही नहीं इससे स्ट्रेस का लेवल भी बढ़ जाता है और इसी वजह से इंसान डिप्रेशन का शिकार हो जाता है।