Jio Platforms Listing: परिवार के साथ लिस्टिंग समारोह में पहुंचे अंबानी; जियो की शेयर बाजार में एंट्री, आकाश-ईशा-अनंत ने कही दिल की बात

परिवार के साथ लिस्टिंग समारोह में पहुंचे अंबानी; जियो की शेयर बाजार में एंट्री, आकाश-ईशा-अनंत ने कही दिल की बात

मुंबई | रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर 1,358 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जो 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस से 21.36% अधिक है। लिस्टिंग के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया और जियो देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई। इस मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, नीता अंबानी और उनके बच्चे आकाश, ईशा व अनंत अंबानी मौजूद रहे। समारोह में तीनों भाई-बहनों ने जियो के सफर, परिवार की विरासत, निवेशकों के भरोसे और भारत के डिजिटल भविष्य पर अपने विचार साझा किए।

आकाश अंबानी बोले- जियो को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा

जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने लिस्टिंग को कंपनी के सफर का एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि आईपीओ को निवेशकों की ओर से मिली प्रतिक्रिया उम्मीदों से बेहतर रही। आकाश ने भरोसा जताया कि कंपनी आगे भी विकास और उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।

आकाश के मुताबिक, जियो का लक्ष्य ऐसी डिजिटल सोसाइटी तैयार करना है, जिसमें कनेक्टिविटी, कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकें मिलकर लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाएं। उन्होंने आने वाले दशक में तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने और अंतरिक्ष से कनेक्टिविटी जैसी संभावनाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी की जिम्मेदारी केवल विरासत को संभालना नहीं, बल्कि जियो को भारत के लिए और बड़ा, बेहतर तथा अधिक उपयोगी बनाना भी है।

ईशा अंबानी ने याद किए 1977 के दिन, बताया धीरूभाई का सपना

ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में रिलायंस के शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले पारिवारिक डिनर के दौरान उनके पिता मुकेश अंबानी 1977 के दिनों की चर्चा कर रहे थे। उस समय मुकेश अंबानी रिलायंस के पहले सार्वजनिक निर्गम यानी पब्लिक इश्यू से जुड़े अपने अनुभव याद कर रहे थे।

ईशा ने बताया कि उनके दादा धीरूभाई अंबानी चाहते थे कि आम लोग भी कंपनी की तरक्की में हिस्सेदार बनें। इसी सोच के साथ रिलायंस को आम निवेशकों से जोड़ने का फैसला किया गया था। उन्होंने कहा कि धीरूभाई का सपना लोगों के भरोसे को कंपनी की विकास यात्रा का हिस्सा बनाना था।

ईशा ने जियो की लिस्टिंग को भी इसी विरासत की अगली कड़ी के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि यह लिस्टिंग सफर का अंत नहीं, बल्कि निवेशकों और ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखने का एक नया संकल्प है। कंपनी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ती रहेगी।

ईशा बोलीं- आकाश की मेहनत पर गर्व है

ईशा अंबानी ने अपने भाई आकाश अंबानी की मेहनत की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने जियो के साथ आकाश के 13 साल के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इस दौरान बेहद मेहनत की है और अक्सर देर रात तक काम किया है। ईशा ने कहा कि उन्हें अपने भाई पर गर्व है।

उन्होंने जियो की सफलता का श्रेय केवल कारोबार के आंकड़ों को नहीं, बल्कि उन लोगों को भी दिया जो इस सपने को हकीकत बनाने में जुटे रहे। ईशा ने कंपनी की टीम, कर्मचारियों और निवेशकों के योगदान को अहम बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि जियो की लिस्टिंग के बाद कंपनी की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। निवेशकों ने जिस भरोसे के साथ कंपनी में भागीदारी की है, उसे ईमानदारी और बेहतर काम के जरिए बनाए रखना होगा।

अनंत अंबानी बोले- जियो को देश की जनता ने बनाया

अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में जियो की सफलता का श्रेय देश के करोड़ों ग्राहकों को दिया। उन्होंने कहा कि जियो को पूरे देश का आशीर्वाद मिला है। अपने संबोधन में उन्होंने परिवार और दोस्तों से जुड़ी भावनात्मक पंक्तियों का जिक्र करते हुए कहा, “मां ने कहा- जियो मेरे लाल, दादी ने कहा- जुग जुग जियो और दोस्तों ने कहा- जियो यार।”

अनंत ने कहा कि जियो को भारत की जनता ने बनाया है और लोगों के सपनों को पूरा करना ही कंपनी का सपना है। उन्होंने जियो पर भरोसा करने वाले करोड़ों ग्राहकों के प्रति आभार जताया और कंपनी की इस उपलब्धि को उनके विश्वास से जोड़ा।

उन्होंने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के सपनों, दादी के आशीर्वाद, पिता मुकेश अंबानी के मार्गदर्शन और मां नीता अंबानी से मिले संस्कारों का भी उल्लेख किया। अनंत ने जियो की टीम के सदस्यों—टेक्नीशियनों, इंजीनियरों, सेवा कर्मचारियों और साझेदारों—की मेहनत को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

अनंत ने लिस्टिंग की तुलना मंदिर की घंटी से की

अनंत अंबानी ने लिस्टिंग समारोह के दौरान एक भावनात्मक तुलना भी की। उन्होंने कहा कि उनके लिए शेयर बाजार में बजने वाली घंटी मंदिर की घंटी जैसी है, क्योंकि वे कारोबार को पूजा की तरह देखते हैं। उन्होंने इस मौके को भारत के साथ जियो की सफलता साझा करने का अवसर बताया।

अनंत ने कहा कि जियो पर भरोसा करने वाले ग्राहकों और कर्मचारियों की मेहनत के बिना यह सफर संभव नहीं होता। उन्होंने भारत के डिजिटल भविष्य और विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान देने का संकल्प भी व्यक्त किया।

30,213 करोड़ रुपये का IPO, शेयर 21.36% प्रीमियम पर लिस्ट

जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर के बीच खुला था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इश्यू को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी के शेयर 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 1,358 रुपये पर लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को शुरुआती कारोबार में करीब 21.36% का लिस्टिंग प्रीमियम मिला।

करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ जियो देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। हालांकि, बाजार पूंजीकरण शेयर की कीमत में बदलाव के साथ बदलता रहता है।

टेलीकॉम से डिजिटल इकोसिस्टम तक जियो का सफर

2016 में टेलीकॉम बाजार में प्रवेश करने के बाद जियो ने भारत में मोबाइल डेटा और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विस्तार किया। आज जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार मोबाइल सेवाओं से आगे बढ़कर ब्रॉडबैंड, डिजिटल मनोरंजन और अन्य तकनीकी सेवाओं तक फैला है।

लिस्टिंग के साथ कंपनी के लिए निवेशकों के प्रति जवाबदेही और कारोबार को टिकाऊ ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। प्रतिस्पर्धा, नेटवर्क विस्तार, तकनीक पर निवेश और मुनाफे में वृद्धि जैसे मुद्दे आगे कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित करेंगे।

जियो की लिस्टिंग के मौके पर आकाश, ईशा और अनंत अंबानी के संबोधनों में एक साझा संदेश उभरा—कंपनी की आगे की यात्रा केवल परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने की नहीं, बल्कि ग्राहकों, निवेशकों और कर्मचारियों के भरोसे को बनाए रखने की भी है।

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