ISRO Gaganyaan Mission 2026: फाइटर पायलटों के साथ अब आम आदमी को भी अंतरिक्ष में जाने का मौका दे रहा ISRO, बस इस स्किल की है जरूरत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतरिक्ष में अब सिर्फ फाइटर पायलट्स ही नहीं बल्कि आम आदमी भी जा सकते हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की तरफ से एक अहम कदम उठाया गया है। एस्ट्रोनॉट कैडर में अब आम नागरिक भी अपनी जगह बना सकते हैं। बता दें, अब तक स्पेस मिशन में सिर्फ सेना के जाबाज पायलट्स का ही दबदबा देखने को मिला है, लेकिन भविष्य के गगनयान मिशनों में वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञ भी स्पेस में जा पाएंगे। इस पहल की वजह से अब भारत भी उन चुनिंदा देशों की लाइन में खड़ा होने जा रहा है, जहां आम लोगों को स्पेस में भेजा गया है।
किन लोगों का होगा चयन?
इसरो की एस्ट्रोनॉट सिलेक्शन कमेटी ने सिफारिश की है कि गगनयान मिशन के आने वाले चरणों में कई तरह के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना के तहत ही भविष्य के बैचों में वायुसेना के पायलटों के साथ चार ऐसे नागरिक भी रहेंगे, जो साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ (STEM) के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रा के साथ रिसर्च और तकनीकी कामों को भी पूरा करना है। ये बदलाव इसरो के मिशनों को और ज्यादा वैज्ञानिक और रिसर्च आधारित बनाने में मददगार साबित होगा।
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साढ़े चार साल का लगेगा समय
एक एस्ट्रोनॉट को तैयार करना एक बहुत ही बड़ा काम है। इसरो के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुनने से लेकर उसको मिशन के लिए पूरी तरह से तैयार करने तक लगभग 54 महीने (साढ़े चार साल) तक का समय लगता है। कमेटी की तरफ से एक रोडमैप भी तैयार किया गया है, जिसके चलते दूसरे बैच को अगले 72 महीनों में और तीसरे बैच को 96 महीनों में मिशन के लिए तैयार किया जाएगा। इस प्रोसेस में फिजिकल फिटनेस से लेकर तकनीकी एफिशिएंसी का भी टफ टेस्ट लिया जाता है।
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गगनयान पहला क्रू स्पेस फ्लाइट प्रोग्राम
इसरो का मिशन गगनयान 2027 तक लॉन्च होने वाला है। ये मिशन तीन दिन का रहने वाला है। इस मिशन में तीन अंतरिक्ष यात्री 400 किमी ऊपर अंतरिक्ष कक्षा में जाएंगे। पहले बैच में इंडियन एयरफोर्स के अनुभवी टेस्ट पायलट शामिल होंगे। उनमें एयर कमांडर प्रशांत बी नायर, जीपी कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जीपी कैप्टन अजीत कृष्णन और जीपी कैप्टन अंगद प्रताप शामिल हैं। सभी का मुख्य लक्ष्य मिशन को अच्छे से अंजाम देकर सुरक्षित पृथ्वी पर वापस आना है।
Created On :   28 April 2026 7:15 PM IST












