दैनिक भास्कर हिंदी: गुजरात: 182 विधायकों में से 102 नए चेहरे, कांग्रेस रही फायदे में

December 20th, 2017

डिजिटल डेस्क, गांधीनगर। गुजरात में विधानसभा चुनावों के नतीजे सोमवार को आ चुके हैं। राज्य में बीजेपी जहां 6वीं बार अपनी सरकार बनाने में कामयाब रही, वहीं कांग्रेस एक बार फिर से सत्ता का स्वाद चखने से चूक गई।  इस बार चुनावों में बीजेपी को 99 सीटें मिलीं, जो पिछली बार से 16 सीटें कम हैं। वहीं कांग्रेस ने इस बार अच्छा प्रदर्शन किया और पिछली बार से 16 सीटें ज्यादा यानी 77 सीटें जीती। भले ही कांग्रेस गुजरात में बहुमत से दूर रही, लेकिन इस बार उसकी सीटें और वोट शेयर दोनों ही बढ़ा है। इसके अलावा इस बार राज्य के 182 विधायकों में से 102 विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। क्योंकि इस बार बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही नए चेहरों को मैदान में उतारा, जिसका फायदा जहां कांग्रेस को हुआ, वहीं बीजेपी को नुकसान हुआ।

पिछली बार के कितने विधायक? 

गुजरात में इस बार के विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने सभी 182 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, तो वहीं कांग्रेस ने 176 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। इस बार के बीजेपी के 99 विधायकों में से सिर्फ 55 ही ऐसे विधायक हैं, जो 2012 का चुनाव भी जीते थे। इसी तरह से कांग्रेस के 77 विधायकों में से 23 विधायकों ने 2012 का चुनाव भी जीता था। इन दोनों पार्टियों के अलावा, एनसीपी के कंधलाभाई सरमनभाई जाडेजा कुटियाना सीट से और भारतीय आदिवासी पार्टी (बीटीपी) के छोटाभाई वसावा से अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं। बता दें कि छोटाभाई ने 2012 में जेडीयू की टिकट से चुनाव लड़ा था।

बीजेपी के सिर्फ 50 विधायकों की बची सीट

बीजेपी ने 2012 के विधानसभा चुनावों में 115 सीटें जीती थी। इन जीते हुए 115 विधायकों में से बीजेपी ने इस बार 45 विधायकों के टिकट काटे हैं, जिसका मतलब है कि 70 विधायकों को फिर से मैदान में उतारा गया। इन 70 विधायकों में से 55 ने इस बार जीत दर्ज की है। इसमें से 4 विधायकों ने पिछली बार कांग्रेस के टिकट से और एक ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। इसका मतलब हुआ कि बीजेपी के पुराने 70 विधायकों में से सिर्फ 50 विधायक ही दोबारा अपनी सीट बचा पाए हैं। इस तरह से 115 में से 50 विधायक, यानी कि 43.5% विधायक अपनी सीट बचाने में कामयाब हुए हैं।

कांग्रेस के 23 विधायक दोबारा जीते

वहीं कांग्रेस की बात करें, तो पिछले चुनावों में कांग्रेस ने 61 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इन 61 विधायकों में से 41 विधायकों ने इस बार का चुनाव भी लड़ा। इन 41 में से 10 विधायक बीजेपी की टिकट पर और 31 विधायक कांग्रेस की टिकट पर मैदान में उतरे। यानी कि पिछली बार के 61 कांग्रेस विधायकों में से 31 ने दोबारा चुनाव लड़ा। इनमें से कांग्रेस 23 सीटें जीतने में कामयाब रही, यानी कि 37.7% विधायक फिर से अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।

कांग्रेस ने 35, तो बीजेपी ने 18 नई सीटें जीती

2012 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 115 सीटें जीती थी, जिसमें से 82 सीटें पार्टी बचाने में कामयाब रही है। हालांकि 34 सीटों का बीजेपी को नुकसान हुआ है। वहीं कांग्रेस ने पिछली बार 61 सीटें जीती थी, जिसमें से 42 सीटें पार्टी ने इस बार भी जीती। इसका मतलब हुआ कि कांग्रेस को सिर्फ 19 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा, कांग्रेस ने इस बार 35 नई सीटों पर भी कब्जा किया। इन 35 में से 33 सीटें पिछली बार बीजेपी ने जीती थी, जबकि 2 सीटों पर गुजरात परिवर्तन पार्टी का कब्जा था। वहीं दूसरी तरफ, बीजेपी ने इस बार 18 नई सीटों पर कब्जा किया है। इन 18 सीटों में से 16 पर पिछली बार कांग्रेस ने और एक पर एनसीपी ने जीत हासिल की थी।