पुलिस एक्शन मूड में: राजस्थान के करौली में हिंसा के सिलसिले में 23 गिरफ्तार

April 8th, 2022

हाईलाइट

  • राजस्थान के करौली शहर में 2 अप्रैल को हुई थी हिंसा

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के करौली शहर में 2 अप्रैल को हुई हिंसा को लेकर 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिस दौरान दुकानों और मोटरसाइकिलों में आग लगा दी गई थी। डीजीपी एम.एल. लाठर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। नवसंवाद के अवसर पर निकाली गई बाइक रैली के दौरान दो समूहों के बीच हिंसा भड़क गई थी। मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि करौली के कोतवाली पुलिस अधिकारी द्वारा एक और अन्य व्यक्तियों द्वारा 9 सहित कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अभय कुमार की मौजूदगी में मीडिया को संबोधित करते हुए लाठर ने बताया कि जांच के मुताबिक पुलिस ने 44 बदमाशों की पहचान कर ली है। उन्होंने कहा कि रैली निकालने की सशर्त अनुमति दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि डीजे और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और कोई भड़काऊ नारे नहीं लगाए जाने चाहिए। हालांकि, 2 अप्रैल को शाम 4 बजे, 200 से अधिक मोटरसाइकिलों पर लगभग 400 लोग पुलिस अधिकारियों और एक पुलिस टीम के नेतृत्व में एक रैली में कलेक्ट्रेट सर्कल से निकल गए, लेकिन डीजे ने गाना बजाना जारी रखा।

रैली ढलानों से उतरकर बांस की दुकानों और हटवाड़ा रोड स्थित मनियार मस्जिद के पास पहुंची। अल्पसंख्यक बहुल इलाके में रैली में शामिल लोगों ने भड़काऊ नारेबाजी की। इसके बाद बाइक रैली में शामिल लोगों पर भारी पथराव शुरू हो गया और करीब 100-150 लोगों ने रैली पर लाठियों से हमला कर दिया। हमले में 11 स्थानीय निवासियों के साथ 8 पुलिस कर्मी घायल हो गए। डीजीपी ने कहा कि घटना के सिलसिले में पुलिस ने 105 असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया है। कुल 10 दर्ज मामलों में शामिल बाकी बदमाशों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हिंसा में 80 से ज्यादा लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन करने के बाद राज्य सरकार द्वारा मुआवजा प्रदान किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठी जानकारी फैलाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर राज्य की पुलिस कड़ी नजर रखे हुए है। गलत सूचना फैलाने के आरोप में असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कुछ लोगों ने तेलंगाना के एक पुराने वीडियो क्लिप को राजस्थान का होने का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी डाली गई थी। साथ ही उत्तर प्रदेश का एक वीडियो करौली से जुड़ा था।

लाठर ने कहा कि राज्य में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। इस बीच राजस्थान सरकार ने गृह सचिव के.सी. मीणा को करौली हिंसा मामले की जांच के लिए एक जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त किया। साथ ही, क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के उद्देश्य से करौली में लगाए गए कर्फ्यू को 10 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने यह भी घोषणा की थी कि कर्फ्यू में तीन घंटे- सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक की ढील दी जाएगी।

(आईएएनएस)